झारखंड की मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना में 100 बकरी और 5 बकरे का फार्म खोलने पर 70% तक सब्सिडी मिल सकती है। जानें पात्रता, लागत और आवेदन प्रक्रिया।
खेती के साथ पशुपालन किसानों के लिए कमाई का एक अतिरिक्त जरिया बनता जा रहा है। इसी को बढ़ावा देने के लिए झारखंड सरकार मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत बकरी पालन के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। योजना के तहत पात्र लाभुकों को बकरी फार्म स्थापित करने की लागत पर 70 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है।
अगर आप कम पूंजी में पशुपालन का व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो इस योजना के तहत 100 बकरी और 5 बकरे की क्षमता वाला फार्म स्थापित करने का विकल्प दिया गया है।
9.78 लाख रुपये की परियोजना पर कितना अनुदान?
व्यावसायिक बकरी पालन के लिए फार्म की निर्धारित परियोजना लागत 9 लाख 78 हजार रुपये है। इसमें सरकार की ओर से अधिकतम 6 लाख 84 हजार 600 रुपये, यानी परियोजना लागत का 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा सकता है।
लाभुक को शेष 2 लाख 93 हजार 400 रुपये की राशि का इंतजाम करना होगा। योजना के प्रावधानों के अनुसार लाभुक के हिस्से की राशि में बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है।
100 बकरी और 5 बकरे का फार्म
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत झारखंड के पात्र स्थानीय निवासी 100 बकरी और 5 बकरे की क्षमता वाला फार्म स्थापित कर सकते हैं। इसके अलावा निर्धारित नियमों के तहत स्वयं सहायता समूह (SHG) और किसान उत्पादक संगठन (FPO) भी योजना का लाभ ले सकते हैं।
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दो किस्तों में मिलेगा सरकारी अनुदान
योजना की पूरी सब्सिडी एक साथ जारी नहीं की जाएगी। अनुदान को दो चरणों में दिए जाने का प्रावधान है। पहली किस्त में स्वीकृत अनुदान का 40 प्रतिशत दिया जाएगा। इसके बाद फार्म से जुड़ी आधारभूत संरचना पूरी होने पर बाकी 60 प्रतिशत अनुदान जारी किया जाएगा।
अनुदान जारी करने से पहले लाभुक के हिस्से की राशि और बैंक ऋण की राशि का हस्तांतरण आवश्यक होगा। फार्म में पशुओं के स्वास्थ्य और बीमारी की रोकथाम से जुड़े मानकों की भी विभागीय स्तर पर निगरानी की जाएगी।
कहां जमा करना होगा आवेदन?
योजना के लिए इच्छुक पशुपालक निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज, घोषणा पत्र और शपथ पत्र जमा करना होगा। आवेदक अपना आवेदन संबंधित प्रखंड पशुपालन कार्यालय या जिला पशुपालन कार्यालय में जमा कर सकता है।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ प्रमुख पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं:
- आवेदक का झारखंड का स्थायी निवासी होना जरूरी है।
- आवेदक को बकरी पालन का अनुभव होना चाहिए।
- कम से कम 50 डिसमिल निजी जमीन या न्यूनतम 10 साल की लीज पर जमीन उपलब्ध होनी चाहिए।
- फार्म के लिए निर्धारित भूमि पर छायादार पेड़ों की उपलब्धता जरूरी बताई गई है।
- बैंक से संबंधित प्रमाण-पत्र या पिछले एक वर्ष के औसत बैंक बैलेंस का प्रमाण देना पड़ सकता है।
- बैंक से ऋण लेने के लिए स्वीकृति या सहमति पत्र की आवश्यकता हो सकती है।
- बकरी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके आवेदकों को चयन में प्राथमिकता दी जा सकती है।
- लाभुक को फार्म को कम से कम 10 वर्षों तक संचालित रखने से संबंधित शपथ-पत्र देना होगा।
किसानों के लिए कमाई का विकल्प
बकरी पालन ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त आय का जरिया बन सकता है। सरकार की सब्सिडी और बैंक ऋण की सुविधा से पात्र किसान एवं पशुपालक बड़े स्तर पर फार्म शुरू करने की योजना बना सकते हैं। हालांकि आवेदन करने से पहले स्थानीय पशुपालन कार्यालय से योजना की मौजूदा पात्रता, दस्तावेज और स्वीकृति संबंधी नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।

