मध्य प्रदेश के 43 जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित हो चुके हैं। सीएम मोहन यादव की पहल से किसानों को आधुनिक खेती, कृषि यंत्रों और कम लागत में अधिक आमदनी के तरीके बताए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश के 55 जिलों में से 43 जिलों में जिला स्तरीय कृषि महोत्सव आयोजित किए जा चुके हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों और खेती में नए प्रयोगों की जानकारी दी जा रही है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसी पहल के तहत प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि किसान वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ा सकें और अपनी आमदनी में सुधार कर सकें।
किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ रही सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों का कल्याण और उनकी आर्थिक समृद्धि राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बलराम कृषि महोत्सव के जरिए कृषि वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और जिला स्तर के अधिकारी किसानों के साथ सीधे संवाद कर रहे हैं।
इन कार्यक्रमों में किसानों को खेती की नई तकनीकों, आधुनिक मशीनों और कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल करने और उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
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2026 को मनाया जा रहा कृषक कल्याण वर्ष
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया है। इसके अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में कृषि से जुड़े कार्यक्रमों और गतिविधियों के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, बदलते कृषि परिदृश्य में किसानों के लिए पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाना भी जरूरी है। वैज्ञानिक सलाह और नई कृषि पद्धतियों की मदद से किसान उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने के साथ खेती की लागत को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकते हैं।
कम लागत में अधिक आमदनी पर जोर
बलराम कृषि महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य किसानों को ऐसी तकनीकों से परिचित कराना है, जिनसे खेती की लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने में मदद मिल सके। कार्यक्रमों में कृषि विशेषज्ञ किसानों को फसल उत्पादन, कृषि यंत्रों के इस्तेमाल और खेती में नए प्रयोगों के बारे में मार्गदर्शन दे रहे हैं।
सरकार का मानना है कि किसानों तक समय पर सही जानकारी पहुंचने से वे अपनी जरूरतों के अनुसार बेहतर निर्णय ले सकेंगे। इससे कृषि संसाधनों का प्रभावी उपयोग होगा और खेती को आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाने के अवसर मिलेंगे।
15 जुलाई से शुरू हुए कृषि महोत्सव
मध्य प्रदेश में बलराम कृषि महोत्सव की शुरुआत 15 जुलाई 2026 से हुई थी। इसके बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। 9 अक्टूबर तक 43 जिलों में आयोजन पूरे हो चुके थे और हजारों किसान इन कार्यक्रमों से लाभान्वित हुए हैं।
राज्य सरकार की योजना है कि इस पहल के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों और विशेषज्ञों की सलाह पहुंचाई जाए। इससे खेती-किसानी से जुड़ी चुनौतियों को समझने और उनके समाधान तलाशने में मदद मिल सकती है।
किसानों से महोत्सव में भाग लेने की अपील
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से बलराम कृषि महोत्सव में भाग लेकर कृषि विशेषज्ञों की सलाह का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र में विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।
बलराम कृषि महोत्सव को खेती में नवाचार को बढ़ावा देने, किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

