मंडला में खरीफ 2026 के कोदो-कुटकी उपार्जन के लिए किसान पंजीयन 6 अक्टूबर से 5 नवंबर तक होगा। जानें कोदो-कुटकी का सरकारी रेट और सत्यापन की अंतिम तारीख।
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों के लिए जरूरी खबर है। खरीफ सीजन 2026 में कोदो और कुटकी की सरकारी खरीद के लिए किसानों का पंजीयन शुरू होने जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किसान 6 अक्टूबर 2026 से 5 नवंबर 2026 तक ई-उपार्जन पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकेंगे।
किसानों के पंजीयन के बाद सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। इसके लिए 10 नवंबर 2026 को अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। कृषि विभाग ने कोदो-कुटकी की खेती करने वाले किसानों से तय समय सीमा के भीतर पंजीयन कराने की अपील की है, ताकि उनकी उपज का सरकारी दर पर उपार्जन किया जा सके।
कोदो-कुटकी की सरकारी खरीद की तैयारी
मध्य प्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के निर्देशों के तहत खरीफ वर्ष 2026 में कोदो-कुटकी की खरीद की जाएगी। यह उपार्जन रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत गठित श्रीअन्न प्रोत्साहन कंसोर्टियम ऑफ फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के माध्यम से प्रस्तावित है।
मंडला के अलावा प्रदेश के कुल 15 चयनित जिलों में कोदो-कुटकी की सरकारी खरीद की योजना है। इसके तहत पात्र किसानों से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपज खरीदी जाएगी।
कोदो और कुटकी का कितना मिलेगा भाव?
सरकार ने कोदो और कुटकी के लिए अलग-अलग उपार्जन दर निर्धारित की है। किसानों से कोदो की खरीद 2,600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। वहीं कुटकी के लिए 3,600 रुपये प्रति क्विंटल का उपार्जन मूल्य निर्धारित किया गया है।
इस सरकारी खरीद व्यवस्था से किसानों को अपनी उपज के लिए निर्धारित मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। हालांकि उपार्जन के लिए किसानों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकृत होना जरूरी होगा।
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6 अक्टूबर से शुरू होगा किसान पंजीयन
कोदो-कुटकी बेचने के इच्छुक किसानों के लिए पंजीयन प्रक्रिया 6 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। किसान 5 नवंबर 2026 तक ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन करा सकते हैं।
पंजीयन के बाद किसानों का सत्यापन किया जाएगा, जिसकी अंतिम तारीख 10 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। इसलिए किसानों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते पंजीयन कराने की सलाह दी गई है।
नजदीकी पंजीयन केंद्र पर कराएं रजिस्ट्रेशन
कृषि विभाग ने मंडला जिले के सभी कोदो-कुटकी उत्पादक किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि में अपने नजदीकी पंजीयन केंद्र पर पहुंचकर पंजीयन प्रक्रिया पूरी करें। पंजीयन के दौरान निर्धारित नियमों और आवश्यक दस्तावेजों का पालन करना होगा।
समय पर पंजीयन होने के बाद किसान अपनी उत्पादित कोदो-कुटकी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सरकारी उपार्जन व्यवस्था में बेच सकेंगे।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
कोदो और कुटकी को श्रीअन्न यानी मिलेट्स की प्रमुख फसलों में शामिल किया जाता है। इन फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकारी उपार्जन व्यवस्था के माध्यम से किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ निर्धारित दर पर उपज बेचने का अवसर मिलता है।
मंडला जिले के किसानों के लिए खरीफ वर्ष 2026 का यह पंजीयन इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पंजीयन की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद उपार्जन प्रक्रिया में शामिल होने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में किसान 6 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 के बीच अपना पंजीयन अवश्य करा लें।

