कन्या विवाह सहायता योजना में पंजीकृत श्रमिकों की बेटियों को शादी के लिए आर्थिक मदद मिलती है। जानें पात्रता, लाभ, दस्तावेज और आवेदन की पूरी जानकारी।
आर्थिक रूप से कमजोर पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों के लिए सरकार की ओर से कन्या विवाह सहायता योजना चलाई जाती है। इस योजना का उद्देश्य पात्र निर्माण श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि परिवार पर शादी का आर्थिक बोझ कम हो सके।
योजना के तहत सामान्य विवाह, अंतरजातीय विवाह और सामूहिक विवाह के लिए अलग-अलग वित्तीय सहायता का प्रावधान है। इसके साथ ही निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाली पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को अपने विवाह या पुनर्विवाह की स्थिति में भी योजना का लाभ मिल सकता है।
कन्या विवाह सहायता योजना में कितनी मिलेगी राशि?
पात्रता और विवाह के प्रकार के आधार पर आर्थिक सहायता अलग-अलग हो सकती है। उपलब्ध योजना विवरण के अनुसार:
- सामान्य विवाह: 55,000 रुपये तक की सहायता।
- अंतरजातीय विवाह: 61,000 रुपये तक की आर्थिक मदद।
- सामूहिक विवाह: 65,000 रुपये तक की सहायता।
- सामूहिक विवाह के आयोजन के लिए आयोजक को प्रति जोड़े 7,000 रुपये तक की राशि दी जा सकती है।
- सामूहिक विवाह में दूल्हा और दुल्हन के कपड़ों के लिए 5,000-5,000 रुपये की राशि निर्धारित शर्तों के तहत दी जा सकती है।
हालांकि, आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग से वर्तमान राशि और नियमों की पुष्टि करना जरूरी है, क्योंकि सरकारी योजनाओं के प्रावधान समय-समय पर संशोधित हो सकते हैं।
किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?
यह योजना मुख्य रूप से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और पात्र पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों के लिए है। श्रमिक की बेटी के विवाह के लिए सहायता प्राप्त करने के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।
पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक अपने विवाह के मामले में भी निर्धारित शर्तों के अनुसार योजना का लाभ ले सकती हैं। पुनर्विवाह के मामले में भी कुछ विशेष परिस्थितियों में सहायता का प्रावधान है।
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कन्या विवाह योजना के लिए जरूरी पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। प्रमुख पात्रता इस प्रकार है:
- निर्माण श्रमिक का संबंधित बोर्ड में कम से कम 365 दिनों से पंजीकृत सदस्य होना जरूरी है।
- विवाह के लिए निर्धारित आयु शर्त पूरी होनी चाहिए।
- बेटी की आयु कम से कम 18 वर्ष और दूल्हे की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।
- लाभार्थी की बेटी का आधार प्रमाणीकरण जरूरी है।
- योजना का लाभ अधिकतम दो बच्चों की सीमा के तहत दिया जाता है।
- सामान्य विवाह के लिए विवाह के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना होता है।
- सामूहिक विवाह के लिए निर्धारित तारीख से 15 दिन पहले आवेदन किया जा सकता है।
- आवेदक को किसी अन्य समान सरकारी योजना से इसी उद्देश्य के लिए लाभ नहीं मिला होना चाहिए।
महिला श्रमिक के विवाह और पुनर्विवाह पर भी सहायता
पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक के अपने विवाह के मामले में भी निर्धारित शर्तों के साथ योजना का लाभ दिया जा सकता है। इसके लिए यह जरूरी है कि उसी विवाह के लिए उसके माता-पिता या किसी अन्य पात्र सदस्य को पहले से इस योजना का लाभ न मिला हो।
पुनर्विवाह की स्थिति में भी सहायता का प्रावधान है। तलाक के बाद दोबारा विवाह करने वाली महिला को सक्षम न्यायालय के फैसले की प्रमाणित प्रति देनी पड़ सकती है। वहीं पति की मृत्यु के बाद पुनर्विवाह की स्थिति में मृत्यु प्रमाण पत्र आवश्यक दस्तावेजों में शामिल हो सकता है।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
कन्या विवाह सहायता योजना में आवेदन करते समय निर्धारित दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- बेटी और दूल्हे की उम्र का प्रमाण।
- जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र।
- परिवार रजिस्टर या संबंधित पारिवारिक दस्तावेज।
- विवाह का निमंत्रण पत्र।
- विवाह कार्ड का संबंधित अधिकारी द्वारा सत्यापन।
- लाभार्थी श्रमिक का राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर।
- दूल्हा-दुल्हन की फोटो।
- पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य करने का प्रमाण या निर्धारित प्रारूप में स्व-घोषणा।
- श्रमिक का पंजीकरण संबंधी रिकॉर्ड।
- अन्य समान सरकारी योजना से लाभ नहीं लेने का स्व-घोषणा पत्र।
- पुनर्विवाह की स्थिति में तलाक का न्यायालयीन आदेश या पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, जैसा लागू हो।
- गोद ली गई बेटी के मामले में संबंधित प्रमाणित दस्तावेज।
कन्या विवाह सहायता योजना में कैसे करें आवेदन?
योजना के लिए आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लोक सेवा केंद्र या संबंधित बोर्ड के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज जमा करना जरूरी है।
सामान्य विवाह की स्थिति में विवाह संपन्न होने के एक वर्ष के भीतर आवेदन किया जा सकता है। वहीं सामूहिक विवाह के मामले में निर्धारित विवाह तिथि से 15 दिन पहले आवेदन करने का प्रावधान है।
आवेदन करने से पहले श्रमिक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसका पंजीकरण अपडेट है और उसने बोर्ड की सदस्यता की आवश्यक अवधि पूरी कर ली है।
योजना का उद्देश्य क्या है?
कन्या विवाह सहायता योजना का मुख्य उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों को बेटियों की शादी के दौरान आर्थिक सहायता देना है। इसके जरिए पात्र परिवारों को शादी से जुड़े खर्च में राहत देने और कानूनी उम्र में विवाह को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है।

