हरियाणा में प्रॉपर्टी टैक्स के नए नियम लागू, पुराने रेट पर टैक्स जमा करने के लिए 2 महीने की समय सीमा दी गई है।
हरियाणा में प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर नया सिस्टम लागू कर दिया गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, प्रॉपर्टी टैक्स और संबंधित दरों में बदलाव 1 अगस्त 2026 से प्रभावी माना गया है। हालांकि, प्रॉपर्टी मालिकों और कब्जाधारियों को पुराने नियमों के तहत टैक्स जमा करने के लिए सीमित अवधि की राहत दी गई है।
पुराने रेट पर टैक्स भरने का मिलेगा मौका
हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने 1 सितंबर 2026 को जारी नोटिफिकेशन में बताया कि नए प्रॉपर्टी टैक्स सिस्टम के बावजूद करदाताओं को दो महीने की अवधि के दौरान वर्ष 2013 में जारी पुराने नोटिफिकेशन के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने का विकल्प दिया गया है।
इसका मतलब है कि संबंधित प्रॉपर्टी मालिक या रहने वाले निर्धारित अवधि के भीतर पुराने रेट के आधार पर अपना टैक्स जमा कर सकते हैं।
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दो महीने बाद नए नियम से होगा भुगतान
विभाग के मुताबिक, निर्धारित दो महीने की अवधि समाप्त होने के बाद प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नए नोटिफिकेशन में तय नियमों और दरों के अनुसार करना होगा। इसलिए जिन करदाताओं को पुराने रेट का लाभ लेना है, उन्हें दी गई समय सीमा के भीतर भुगतान करना होगा।
विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे इस अस्थायी सुविधा का समय रहते इस्तेमाल करें और बकाया प्रॉपर्टी टैक्स को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमा करें।
पहले से टैक्स जमा करने वालों पर क्या असर होगा?
नोटिफिकेशन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन प्रॉपर्टी मालिकों या कब्जाधारियों ने पहले ही अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर दिया है, उनके मामले में वित्तीय वर्ष 2026-27 तक नए नोटिफिकेशन का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 तक के बकाया टैक्स और उस पर लागू ब्याज की गणना पर भी नए बदलाव का असर नहीं होगा। पुराने वित्तीय वर्षों से संबंधित बकाया और ब्याज पहले से लागू व्यवस्था के अनुसार ही रहेगा।
2026-27 से नए नियम के आधार पर होगा असेसमेंट
विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 से सभी प्रॉपर्टी का टैक्स असेसमेंट नए नोटिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा। इसका मतलब है कि इसके बाद प्रॉपर्टी टैक्स की गणना नई व्यवस्था के तहत होगी।
ऐसे में प्रॉपर्टी मालिकों के लिए जरूरी है कि वे अपनी प्रॉपर्टी से संबंधित टैक्स रिकॉर्ड और बकाया राशि की जानकारी समय रहते जांच लें।
करदाताओं के लिए जरूरी सलाह
सरकार की ओर से दी गई दो महीने की अवधि उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो पुराने रेट के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करना चाहते हैं। करदाताओं को भुगतान की अंतिम तारीख और अपनी प्रॉपर्टी से जुड़ी जानकारी संबंधित शहरी स्थानीय निकाय से सत्यापित कर लेनी चाहिए।

