Gensol Engineering: जेनसोल इंजीनियरिंग के शेयरों में भी मंगलवार को 5 परसेंट का कमीशन हुआ और यह 289.90 रुपये के नए 52-वीक लो पर पहुंच गया।
सोलर क्षेत्र में काम करने वाली स्मॉलकैप कंपनी जेनसोल इंजीनियरिंग (GENSOL Engineering) के शेयर में शुरुआती कारोबार में 5 परसेंट का लोअर सर्किट लगा और 289.90 रुपये पर आ गया। कम्पनी के मालिकों ने कहा कि वे वारंट को इक्विटी में बदलकर 28.99 करोड़ रुपये निवेश करेंगे।
कंपनी बोर्ड के सदस्यों की बैठक
जेनसोल इंजीनियरिंग ने कहा कि वह अपने प्रोमोटर वारंट को इक्विटी में बदलकर कंपनी में 28.99 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं। कम्पनी ने बताया कि warrant 871 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 4,43,934 इक्विटी शेयरों में बदल जाएगा। 13 मार्च को होने वाली बैठक में कंपनी के बोर्ड मेंबर्स स्टॉक विभाजन और इक्विटी जारी करने के अलावा विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड जारी करने के बारे में भी चर्चा करेंगे।
कंपनी की संपत्ति में भी भारी गिरावट
कंपनी के शेयर पिछले कारोबारी सेशन में 5 परसेंट गिरकर 305.15 रुपये पर आ गए। इसके अलावा, कंपनी का बाजार पूंजीकरण 1,159.64 करोड़ रुपये रह गया है। बीएसई पर 4.74 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जिसमें 1.53 लाख शेयरों की बोलियां लगाई गईं। पिछले दशक में कंपनी के शेयरों में 60 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। कंपनी के प्रोमोटरों को 23 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के बाद यह गिरावट हुई।
क्यों कंपनी के शेयर गिर गए?
CARE और ICRA जैसे क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने कंपनी की रेटिंग को कम कर दिया, जिससे उसके शेयरों में गिरावट शुरू हुई। याद रखें कि क्रेडिट रेटिंग उन कंपनियों को दी जाती हैं जो डिफॉल्ट कर चुकी हैं या डिफाल्ड करने के कगार पर हैं। ICRA ने लोन चुकाने के दस्तावेजों में गड़बड़ी के कारण यह रेटिंग दी है। जबकि कंपनी ने इसका स्पष्ट विरोध किया है। वर्तमान में कंपनी पर 1,146 करोड़ रुपये का कर्ज और 589 करोड़ रुपये रिजर्व है। इसलिए डेब्ट-इक्विटी रेश्यो 1.95 है। साथ ही, कंपनी ने इस वित्तीय वर्ष में 230 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने की घोषणा की है। शेष देनदारियों को भी कम किया जा रहा है।
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