छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। जानें जिले की सफलता की पूरी कहानी।
छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर स्थित दंतेवाड़ा जिले ने कृषि विकास और किसान कल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले को देश का ‘सर्वश्रेष्ठ जिला’ घोषित करते हुए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान कृषि योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने, किसानों तक सरकारी सुविधाएं पहुंचाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए दिया गया है।
नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दंतेवाड़ा को यह पुरस्कार प्रदान किया। जिले की ओर से कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव और उप संचालक कृषि सूरज कुमार पंसारी ने संयुक्त रूप से सम्मान ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई
दंतेवाड़ा को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिले के किसानों, प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि किसानों की मेहनत, सरकार की कल्याणकारी नीतियों और प्रशासन की प्रतिबद्धता का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप राज्य सरकार कृषि को आधुनिक, लाभकारी और किसानों की समृद्धि का प्रमुख माध्यम बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने आदिवासी बहुल बस्तर क्षेत्र में कृषि विकास की इस सफलता को पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
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कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी जताई खुशी
छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने भी दंतेवाड़ा को राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने किसानों और कृषि विभाग की पूरी टीम को इस सफलता का श्रेय देते हुए बधाई दी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में सुधार करने और आधुनिक कृषि तकनीकों को गांवों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। दंतेवाड़ा की उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि बेहतर योजना, विभागीय तालमेल और किसानों की भागीदारी से दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में भी कृषि विकास को नई दिशा दी जा सकती है।
दूरस्थ गांवों के किसानों तक पहुंचा योजनाओं का लाभ
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में छोटे और सीमांत किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों को मजबूत करने के लिए पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाने के प्रयास किए गए।
जिले में मृदा स्वास्थ्य सुधार, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन और कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे कदम उठाए गए। इसके साथ ही कृषि, उद्यानिकी, पंचायत और ग्रामीण विकास विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया।
क्लस्टर आधारित कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के अलावा कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बाजार से जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास किए गए। इन पहलों का उद्देश्य किसानों की आजीविका को बेहतर बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना रहा।
विभागीय समन्वय और प्रशासनिक प्रयासों को मिला सम्मान
दंतेवाड़ा की इस उपलब्धि में कृषि योजनाओं की नियमित समीक्षा, विभागीय तालमेल और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी के मार्गदर्शन में कृषि विभाग ने योजनाओं के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने, नवाचारों को प्रोत्साहित करने और जरूरतमंद किसानों तक लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया।
राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होने के बाद कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने इस सफलता का श्रेय जिले के मेहनती किसानों, कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारियों और विभिन्न विभागों के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और आधुनिक कृषि तकनीकों का विस्तार करने के लिए आगे भी काम करता रहेगा।
दंतेवाड़ा को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों की आर्थिक मजबूती और टिकाऊ कृषि विकास को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को नई पहचान मिली है।

