टीकमगढ़ के लिधौरा ताल में केंद्रीय नोडल अधिकारी अजय शर्मा ने किसान बालचंद अहिरवार के खेत का निरीक्षण किया और प्राकृतिक खेती के नवाचारों को सराहा।
जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और कृषि क्षेत्र में अपनाए जा रहे नवाचारों का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के केंद्रीय नोडल अधिकारी अजय शर्मा ने किसान के खेत का निरीक्षण किया। भारत सरकार के श्रम मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव अजय शर्मा ने जतारा विकासखंड के ग्राम लिधौरा ताल पहुंचकर किसान बालचंद अहिरवार द्वारा संचालित कृषि गतिविधियों को देखा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती के अंतर्गत स्थापित बीआरसी सेंटर, वर्मी कम्पोस्ट इकाई, मल्टीलेयर खेती और ऑयल प्रोसेसिंग यूनिट का अवलोकन किया। उन्होंने खेत में अपनाई जा रही तकनीकों और स्थानीय संसाधनों के उपयोग के तरीकों की जानकारी लेते हुए इन नवाचारों को दूसरे किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वर्मी कम्पोस्ट से लेकर मल्टीलेयर खेती तक का किया निरीक्षण
किसान बालचंद अहिरवार के खेत पर पहुंचकर केंद्रीय नोडल अधिकारी अजय शर्मा ने प्राकृतिक खेती से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं को समझा। उन्होंने वर्मी कम्पोस्ट पिट का निरीक्षण कर जैविक खाद तैयार करने की प्रक्रिया और खेती में इसके उपयोग से संबंधित जानकारी ली।
इसके अलावा, खेत में अपनाई जा रही मल्टीलेयर कृषि पद्धति और ऑयल प्रोसेसिंग यूनिट को भी देखा। इस दौरान कृषि उत्पादन के साथ संसाधनों के बेहतर उपयोग और खेती से जुड़ी प्रसंस्करण गतिविधियों की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
प्राकृतिक खेती में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जैविक संसाधनों का इस्तेमाल करके कृषि लागत को नियंत्रित करने और मिट्टी की सेहत को बेहतर बनाए रखने की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। निरीक्षण के दौरान इन तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग और किसानों के लिए उनकी उपयोगिता पर ध्यान दिया गया।
बीआरसी सेंटर से किसानों तक पहुंचेगी प्राकृतिक खेती की तकनीक
निरीक्षण का प्रमुख उद्देश्य खेत में विकसित प्राकृतिक खेती के मॉडल और कृषि नवाचारों की उपयोगिता को समझना भी रहा। बीआरसी सेंटर के माध्यम से प्राकृतिक खेती से जुड़ी जानकारी और तकनीकों को आसपास के किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
केंद्रीय नोडल अधिकारी अजय शर्मा ने बालचंद अहिरवार के खेत में किए जा रहे प्रयोगों को अन्य किसानों के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने प्राकृतिक खेती की पद्धतियों का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने और किसानों को स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रेरित करने की जरूरत बताई।
प्राकृतिक खेती के बारे में व्यावहारिक जानकारी मिलने से किसानों को खेती के वैकल्पिक तरीकों को समझने और अपनी जमीन एवं संसाधनों के अनुरूप उपयुक्त तकनीक चुनने में मदद मिल सकती है।
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कृषि लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने पर चर्चा
खेत के निरीक्षण के दौरान प्राकृतिक खेती के जरिए खेती की लागत घटाने, जैविक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
वर्मी कम्पोस्ट, बहुस्तरीय खेती और कृषि प्रसंस्करण जैसी गतिविधियां किसानों को उपलब्ध संसाधनों का योजनाबद्ध उपयोग करने के अवसर प्रदान कर सकती हैं। हालांकि, इनके परिणाम स्थानीय परिस्थितियों, उत्पादन लागत, फसलों के चयन और बाजार की उपलब्धता पर निर्भर करते हैं।
बालचंद अहिरवार के खेत पर विकसित की गई व्यवस्थाओं को स्थानीय स्तर पर कृषि नवाचारों और टिकाऊ खेती की संभावनाओं को समझने के एक उदाहरण के रूप में देखा गया।
निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
किसान के खेत के निरीक्षण के समय जिले और विकासखंड स्तर के कई अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें उपसंचालक कृषि मनोज कश्यप, एसडीएम जतारा नीरज खरे, नायब तहसीलदार पलेरा, परियोजना संचालक आत्मा के सहायक संचालक श्री पटेल, सहायक संचालक कृषि रवि अमलियार और सहायक संचालक उद्यान अजय रोहित शामिल रहे।
इसके अलावा एसएडीओ जतारा महेंद्र चौहान, एईओ अनुराग तिवारी, एसएडीओ टीकमगढ़ के.पी. अहिरवार और एसएडीओ पलेरा सुरेश वर्मा सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी एवं कृषि विस्तार अधिकारी भी मौजूद थे।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में पहल
टीकमगढ़ जिले के ग्राम लिधौरा ताल में किसान बालचंद अहिरवार के खेत का निरीक्षण प्राकृतिक खेती के तरीकों और कृषि नवाचारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। बीआरसी सेंटर के माध्यम से किसानों को आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों की जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग, जैविक खाद का उत्पादन और खेती के साथ प्रसंस्करण गतिविधियों को अपनाना किसानों के लिए नए अवसर खोल सकता है। ऐसे प्रयास अन्य किसानों को भी अपनी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

