बिहार की पितृत्व लाभ योजना में पंजीकृत पुरुष निर्माण श्रमिकों को दो प्रसव तक ₹6,000 प्रति प्रसव सहायता मिलती है। जानें पात्रता, दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन।
बिहार भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की ओर से पंजीकृत पुरुष निर्माण श्रमिकों के लिए पितृत्व लाभ योजना संचालित की जाती है। इस योजना के तहत पात्र श्रमिक को पत्नी के प्रसव पर ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह लाभ अधिकतम दो प्रसव तक प्राप्त किया जा सकता है।
इस योजना का उद्देश्य निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक परिवारों को बच्चे के जन्म के समय आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक का बिहार भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के साथ पंजीकरण और निर्धारित अवधि की सक्रिय सदस्यता होना जरूरी है।
पितृत्व लाभ योजना में कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी?
पितृत्व लाभ योजना के तहत पात्र पुरुष श्रमिक को प्रत्येक पात्र प्रसव के लिए ₹6,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। एक श्रमिक अधिकतम दो प्रसव तक इस सहायता का लाभ ले सकता है। इस प्रकार निर्धारित शर्तें पूरी होने पर दो प्रसव के लिए कुल ₹12,000 तक की सहायता मिल सकती है।
पितृत्व लाभ योजना के लिए कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। आवेदक:
- पुरुष निर्माण श्रमिक होना चाहिए।
- बिहार भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत होना चाहिए।
- आवेदन के समय बोर्ड की सदस्यता सक्रिय होनी चाहिए।
- श्रमिक की बोर्ड में कम से कम एक वर्ष की सदस्यता पूरी होनी चाहिए।
- आवेदक की पत्नी बोर्ड में पंजीकृत श्रमिक नहीं होनी चाहिए।
- योजना का लाभ अधिकतम पहले दो प्रसव के लिए लिया जा सकता है।
इन शर्तों को पूरा करने वाले पात्र श्रमिक योजना के तहत आर्थिक सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
पितृत्व लाभ योजना के लिए आवेदन करते समय श्रमिक को कुछ जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने पड़ सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- पंजीकृत श्रमिक का पहचान पत्र
- बैंक खाते का विवरण
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
- बोर्ड की सदस्यता का प्रमाण
- पंजीकरण के समय आयु का प्रमाण
- जरूरत के अनुसार अन्य संबंधित दस्तावेज
आवेदन से पहले सभी दस्तावेजों की जानकारी और विवरण सही रखना जरूरी है, ताकि आवेदन प्रक्रिया में परेशानी न हो।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
पितृत्व लाभ योजना का लाभ लेने के लिए पहले श्रमिक का बिहार भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण होना जरूरी है।
निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकरण की प्रक्रिया
स्टेप 1: बिहार भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
स्टेप 2: वेबसाइट के होमपेज पर श्रम पंजीकरण विकल्प चुनें।
स्टेप 3: अपना आधार नंबर और नाम दर्ज करके ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया पूरी करें।
स्टेप 4: डैशबोर्ड खुलने के बाद मांगी गई सभी जानकारी भरें। जिन विवरणों पर (*) लगा है, उन्हें अनिवार्य रूप से पूरा करें।
स्टेप 5: आवेदन जमा करें और निर्धारित ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करें।
स्टेप 6: पंजीकरण सफल होने के बाद आपको निर्माण श्रमिक पंजीकरण संख्या प्राप्त होगी।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कैसे करें?
यदि आपका श्रमिक के रूप में पंजीकरण पहले से हो चुका है, तो योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
स्टेप 1: बिहार भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की वेबसाइट पर जाएं।
स्टेप 2: Login विकल्प पर क्लिक करके Labour चुनें।
स्टेप 3: अपनी पंजीकरण संख्या और जन्म वर्ष दर्ज करें और Show विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 4: उपलब्ध योजनाओं में से पितृत्व लाभ योजना का चयन करें।
स्टेप 5: आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
स्टेप 6: सभी विवरण जांचने के बाद आवेदन को ऑनलाइन सबमिट कर दें।
आवेदन का स्टेटस ऑनलाइन कैसे देखें?
आवेदन जमा करने के बाद लाभार्थी अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके लिए बिहार भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित लॉगिन या आवेदन ट्रैकिंग सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
आवेदन से संबंधित महत्वपूर्ण अपडेट पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भी भेजे जा सकते हैं। इसलिए आवेदन के दौरान सही मोबाइल नंबर दर्ज करना जरूरी है।
योजना का उद्देश्य क्या है?
पितृत्व लाभ योजना का उद्देश्य निर्माण श्रमिक परिवारों को बच्चे के जन्म के समय आर्थिक सहायता देना है। प्रसव से जुड़े खर्चों और परिवार की तत्काल जरूरतों में यह वित्तीय सहायता श्रमिकों के लिए उपयोगी हो सकती है।

