यूपी में स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान से 47 लाख से ज्यादा लोग जुड़े। 21 हजार से अधिक कार्यक्रमों के जरिए स्वच्छता को जनभागीदारी से बढ़ावा दिया गया।
उत्तर प्रदेश में इस वर्ष ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के तहत बड़े स्तर पर जनभागीदारी देखने को मिली। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चले अभियान में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों नागरिक जुड़े। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अभियान से करीब 47 लाख लोगों की सहभागिता रही, जबकि 21 हजार से अधिक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इस वर्ष अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत-विकसित भारत’ रखी गई थी। अभियान के दौरान नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के साथ मिलकर सार्वजनिक स्थानों की सफाई, स्वच्छता जागरूकता और सफाई मित्रों के सम्मान से जुड़े कार्यक्रम किए गए।
शुरुआत में 12 लाख लोगों ने किया श्रमदान
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में श्रमदान कार्यक्रमों के साथ हुई। इसमें मेयर, पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और करीब 12 लाख नागरिकों ने हिस्सा लिया।
इसके बाद प्रदेशभर में स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन लगातार जारी रहा। सरकारी जानकारी के मुताबिक, 21 हजार से ज्यादा जनभागीदारी गतिविधियों में लगभग 27 लाख लोगों की भागीदारी रही। स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समितियों, स्वच्छ सारथी क्लबों और स्वयं सहायता समूहों सहित करीब 47 लाख नागरिक अभियान से जुड़े।
सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई के लिए 157 घंटे का महासफाई अभियान भी चलाया गया।
17 अक्टूबर तक चलेगा विशेष सफाई अभियान
स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत विशेष सफाई गतिविधियों को 17 अक्टूबर 2026 तक जारी रखने की योजना है। इस दौरान ऐसे स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जहां नियमित रूप से सफाई नहीं हो पाती।
प्रदेश में लगभग 1.22 लाख स्वच्छता लक्षित इकाइयां (CTU) चिन्हित की गई थीं। इनमें से करीब 1.10 लाख स्थानों पर नागरिकों की भागीदारी से सफाई का काम पूरा किए जाने की जानकारी दी गई है।
अभियान के दौरान लगभग 25 हजार सार्वजनिक स्थानों, 6,788 बाजारों, 13,919 मोहल्लों, 9,440 शौचालयों और 6,769 कार्यालयों में विशेष सफाई गतिविधियां आयोजित की गईं।
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स्वच्छ पाठशाला से जुड़े 2.16 लाख बच्चे
बच्चों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने के लिए ‘स्वच्छ पाठशाला’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत करीब 13 हजार गतिविधियां हुईं। 3,640 स्वच्छ सारथी क्लबों से जुड़े लगभग 2.16 लाख बच्चों ने इनमें हिस्सा लिया।
स्वच्छता को लेकर बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 8,358 प्रतियोगिताएं और अन्य गतिविधियां भी कराई गईं। अभियान का उद्देश्य बच्चों को स्वच्छता की आदतों से जोड़ना और उनके माध्यम से परिवारों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाना रहा।
सफाई मित्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर जोर
अभियान के दौरान सफाई मित्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े कार्यक्रमों पर भी ध्यान दिया गया। ‘स्वच्छता मित्र सुरक्षा शिविर’ के तहत 4,202 शिविर लगाए गए, जिनमें करीब 99 हजार सफाई मित्रों की भागीदारी रही।
आंकड़ों के अनुसार, लगभग 40 हजार सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया, जबकि करीब 88 हजार सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। इसके अलावा 63 हजार सफाई मित्रों को PPE किट वितरित की गईं और करीब 1.77 लाख सफाई मित्रों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया गया।
25 लाख घरों तक पहुंचा स्वच्छता का संदेश
जनभागीदारी के जरिए लगभग 25 लाख परिवारों को भी अभियान से जोड़ने का प्रयास किया गया। लोगों को घरों से निकलने वाले कचरे को स्रोत पर ही अलग करने और स्वच्छता व्यवस्था में अपनी भूमिका निभाने के लिए जागरूक किया गया।
‘स्वच्छता से समृद्धि’ कार्यक्रम के तहत Reduce, Reuse और Recycle (RRR) की अवधारणा पर 3,461 कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर स्वच्छता से संबंधित 17,486 गतिविधियां आयोजित हुईं, जिनमें एक लाख से अधिक नागरिकों की भागीदारी दर्ज की गई।
स्वच्छ भारत दिवस पर सफाई मित्रों का सम्मान
2 अक्टूबर को ‘स्वच्छ भारत दिवस’ के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न निकायों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने वाले सफाई मित्रों, स्वच्छ सारथी क्लब के सदस्यों, ब्रांड एंबेसडरों और स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया गया।
उत्तर प्रदेश में चले इस अभियान में सरकारी संस्थाओं के साथ नागरिकों की भागीदारी पर जोर दिया गया। इसके जरिए स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे दैनिक जीवन की जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया।

