Delhi AQI: दिल्ली का AQI 129 के साथ ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुंच गया। छह राज्यों में पराली जलाने की 19 घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें पंजाब और यूपी में सबसे ज्यादा मामले सामने आए।
Delhi AQI: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा में एक बार फिर प्रदूषण का असर दिखाई देने लगा है। बुधवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 129 दर्ज किया गया, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। इससे पहले लगातार पांच दिनों तक दिल्ली की हवा ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रही थी।
इसी दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के सैटेलाइट आंकड़ों में छह राज्यों में फसल अवशेष जलाने की 19 घटनाएं सामने आईं। इनमें पंजाब और उत्तर प्रदेश में सात-सात मामले दर्ज किए गए।
पंजाब और यूपी में सबसे ज्यादा मामले
IARI के अनुसार, बुधवार को सैटेलाइट से जिन 19 घटनाओं का पता चला, उनमें 7 पंजाब, 7 उत्तर प्रदेश, 4 मध्य प्रदेश और 1 हरियाणा में दर्ज हुई।
वहीं, 15 से 30 सितंबर के बीच छह राज्यों में फसल अवशेष जलाने की कुल 114 घटनाएं सामने आईं। इनमें पंजाब में 59, उत्तर प्रदेश में 32, मध्य प्रदेश में 17, हरियाणा में 3, राजस्थान में 2 और दिल्ली में 1 घटना शामिल रही।
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दिल्ली में 45 निगरानी केंद्रों पर कैसी रही हवा?
CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के ज्यादातर मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज किया गया। वहीं IIT दिल्ली के निगरानी केंद्र पर शाम 6 बजे AQI 207 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
CPCB के मानकों के अनुसार:
- 0-50: अच्छा
- 51-100: संतोषजनक
- 101-200: मध्यम
- 201-300: खराब
- 301-400: बहुत खराब
- 401-500: गंभीर
इस लिहाज से दिल्ली का औसत AQI 129 ‘मध्यम’ श्रेणी में रहा।
पराली जलाने से क्यों बढ़ती है चिंता?
धान की कटाई के बाद किसान खेतों में बचे फसल अवशेष को हटाने के लिए कई बार उसे जला देते हैं। उत्तर भारत में अक्टूबर-नवंबर के दौरान पराली जलाने की घटनाएं बढ़ने पर दिल्ली-NCR के प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ती है।
हालांकि, दिल्ली के प्रदूषण में पराली का योगदान मौसम, हवा की दिशा, हवा की गति और अन्य स्थानीय स्रोतों के आधार पर बदलता रहता है। इसलिए किसी एक दिन के AQI को केवल पराली जलाने की घटनाओं से जोड़कर नहीं देखा जा सकता।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा AQI?
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुमान के मुताबिक, 1 से 3 अक्टूबर के दौरान दिल्ली की हवा ‘मध्यम’ श्रेणी में रह सकती है। इसके बाद भी कुछ दिनों तक इसी श्रेणी में बने रहने का अनुमान जताया गया है।
पूर्वानुमान के अनुसार, कम वेंटिलेशन और अपेक्षाकृत धीमी हवा प्रदूषकों के फैलाव के लिए अनुकूल स्थिति नहीं बनाएगी।
दिल्ली का मौसम भी रहा सुहावना
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली के सफदरजंग केंद्र पर अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
पिछले 24 घंटे में दिल्ली में बारिश दर्ज नहीं की गई। मौसम की स्थिति और हवा की गति भी आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल रहेंगी।

