पीयूष गोयल ने अमेरिका में भारतीय प्रवासियों और कारोबारियों से मुलाकात कर भारत-अमेरिका व्यापार, निवेश, तकनीक और आर्थिक साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका दौरे के दौरान भारतीय प्रवासी समुदाय, अमेरिकी कारोबारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने भारत में निवेश, विनिर्माण, तकनीक, स्टार्टअप और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को सामने रखा। सरकारी जानकारी के मुताबिक, उनका अमेरिका दौरा 29 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है।
भारतीय प्रवासियों की भूमिका का किया उल्लेख
शिकागो में आयोजित एक कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने अमेरिका में भारतीय समुदाय के योगदान की चर्चा की। उन्होंने भारतीय मूल के लोगों और कारोबारियों से भारत की आर्थिक प्रगति में भागीदारी बढ़ाने तथा दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने का आग्रह किया।
गोयल ने भारत में पिछले वर्षों के दौरान हुए बदलावों और देश में उभर रहे कारोबारी अवसरों पर भी बात की।
अमेरिकी कारोबारियों से साझेदारी बढ़ाने की अपील
पीयूष गोयल ने शिकागो में अमेरिकी उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की। सरकार के अनुसार, इन चर्चाओं में निवेश, विनिर्माण, तकनीक, नवाचार और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रहा।
इससे पहले मिल्वौकी में नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स की राउंडटेबल बैठक में अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी उनकी बातचीत हुई थी। गोयल ने अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश और भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी बढ़ाने के अवसरों पर विचार करने के लिए आमंत्रित किया।
भारत के बड़े बाजार को बताया अहम अवसर
गोयल ने भारत के बड़े घरेलू बाजार को विदेशी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर पेश किया। उन्होंने नई तकनीकों, विनिर्माण और वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में भारत की संभावनाओं का उल्लेख किया।
उनके अनुसार, भारत का बड़ा उपभोक्ता बाजार और विभिन्न देशों के साथ बढ़ते व्यापार समझौते भारतीय कंपनियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने में मदद कर सकते हैं।
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FTA के जरिए बढ़ेगा ग्लोबल मार्केट एक्सेस
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ कई मुक्त व्यापार समझौते कर रहा है। सरकार का कहना है कि इन समझौतों के जरिए भारतीय उत्पादों को कई विदेशी बाजारों में बेहतर बाजार पहुंच मिल सकती है।
गोयल ने व्यापार समझौतों को वैश्विक वैल्यू चेन में भारत की भागीदारी बढ़ाने और निर्यात के नए अवसर तैयार करने से भी जोड़ा।
डेटा सेंटर सेक्टर में बड़े निवेश की संभावना
पीयूष गोयल ने भारत के डेटा सेंटर उद्योग की संभावनाओं पर भी जोर दिया। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारत के डेटा सेंटर सेक्टर में लगभग 200 अरब डॉलर तक के संभावित निवेश की संभावना बताई गई है।
सरकार इस क्षेत्र में विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, जमीन की उपलब्धता और आसान मंजूरी जैसी सुविधाओं को बढ़ाने पर काम कर रही है। साथ ही AI और क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
Engaged with the Asian American Hotel Owners Association (AAHOA) and Asian American Store Owners Association (AASOA) in Chicago.
Appreciated their contributions to the US economy and local communities. Urged them to work with us to support more communities, encourage… pic.twitter.com/CpHWvrF7hZ
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) October 3, 2026
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी बातचीत
पीयूष गोयल का अमेरिका दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। सरकारी जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों के बीच संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते की दिशा में बातचीत हो रही है।
अमेरिका यात्रा के दौरान गोयल ने G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया। इसके अलावा उन्होंने अमेरिकी उद्योग जगत, निवेशकों, स्टार्टअप्स और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकों में भाग लिया।
भारत में निवेश और कारोबार को बढ़ावा देने पर फोकस
गोयल ने अमेरिकी कंपनियों के सामने भारत को निवेश और उत्पादन के संभावित केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। सरकार के अनुसार, भारत-अमेरिका आर्थिक संबंध अब केवल वस्तुओं के व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निवेश, तकनीक, विनिर्माण, नवाचार और मजबूत सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों तक विस्तार कर रहे हैं।
इस दौरे के दौरान भारतीय प्रवासी समुदाय और अमेरिकी उद्योग जगत के साथ संवाद को भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण पहल के रूप में पेश किया गया है।

