30 की उम्र के बाद कौन-से हेल्थ टेस्ट कराने चाहिए? जानें ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर, HbA1c और BMI जांच का महत्व और कब डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
30 साल की उम्र के बाद शरीर और जीवनशैली में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। इस उम्र में नियमित स्वास्थ्य जांच पर ध्यान देना इसलिए उपयोगी हो सकता है, क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर जैसी कुछ स्थितियां शुरुआती चरण में बिना स्पष्ट लक्षण के भी रह सकती हैं।
हालांकि, हर व्यक्ति को 30 साल की उम्र में सभी तरह के मेडिकल टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती। जांच का चुनाव उम्र, वजन, पारिवारिक स्वास्थ्य इतिहास, जीवनशैली, पहले की रिपोर्ट और अन्य जोखिम कारकों के आधार पर डॉक्टर की सलाह से किया जाना चाहिए।
ब्लड प्रेशर की जांच जरूर कराएं
हाई ब्लड प्रेशर को कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी देखा जा सकता है। इसलिए केवल सिरदर्द या दूसरी परेशानी होने पर ही इसकी जांच कराने के बजाय नियमित स्वास्थ्य जांच के दौरान ब्लड प्रेशर मापना उपयोगी रहता है।
अगर जांच में ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक पाया जाता है, तो डॉक्टर दोबारा जांच या घर पर नियमित निगरानी की सलाह दे सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल की जांच क्यों जरूरी है?
शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने पर अक्सर कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते। इसका पता लगाने के लिए लिपिड प्रोफाइल जैसी ब्लड टेस्ट की मदद ली जाती है।
स्वस्थ वयस्कों में कोलेस्ट्रॉल की जांच कितनी बार होनी चाहिए, यह व्यक्ति के स्वास्थ्य और जोखिम कारकों पर निर्भर करता है। अगर परिवार में हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग का इतिहास है, डायबिटीज है या अन्य जोखिम मौजूद हैं, तो डॉक्टर अधिक नियमित जांच की सलाह दे सकते हैं।
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ब्लड शुगर और HbA1c पर भी रखें नजर
ब्लड शुगर टेस्ट से शरीर में ग्लूकोज के मौजूदा स्तर की जानकारी मिलती है, जबकि HbA1c टेस्ट पिछले कुछ महीनों के औसत ब्लड शुगर स्तर का संकेत देता है।
हर 30 वर्षीय व्यक्ति के लिए डायबिटीज स्क्रीनिंग जरूरी नहीं होती। हालांकि अधिक वजन या मोटापा, पारिवारिक इतिहास और अन्य जोखिम कारकों की मौजूदगी में डॉक्टर कम उम्र में भी शुगर की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
वजन और कमर के घेरे को भी करें मॉनिटर
स्वास्थ्य का आकलन केवल वजन देखकर नहीं किया जा सकता, लेकिन लंबाई और वजन के आधार पर BMI निकाला जा सकता है। इससे वजन से जुड़े कुछ स्वास्थ्य जोखिमों को समझने में मदद मिलती है।
कमर के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी भी स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ी हो सकती है। अगर वजन अचानक बढ़ रहा है, बिना कारण कम हो रहा है या शरीर में लगातार कोई असामान्य बदलाव महसूस हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं होते सभी टेस्ट
30 की उम्र में बिना किसी विशेष कारण के ECG, पूरे शरीर का स्कैन या कई महंगे मेडिकल टेस्ट कराना जरूरी नहीं माना जाता। जरूरत के अनुसार ही जांच कराने की सलाह दी जाती है।
किसी व्यक्ति के लिए कौन-सा हेल्थ टेस्ट उपयुक्त है, यह उसकी उम्र, लक्षण, पारिवारिक मेडिकल हिस्ट्री, वजन और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों पर निर्भर करता है। इसलिए नियमित चेकअप के दौरान डॉक्टर से अपनी व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार जांचों के बारे में सलाह लेना बेहतर है।

