मुख्यमंत्री योगी ने अगले 6 महीने में 1 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां देने का दावा किया। जानें भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के लिए अपडेट।
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आने वाले छह महीनों के भीतर प्रदेश में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने यह बात विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के दौरान कही।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।
6 महीने में 1 लाख से ज्यादा नियुक्तियों का दावा
लखनऊ में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने दावा किया कि अगले छह महीने के दौरान उत्तर प्रदेश में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) समेत भर्ती संस्थाओं के माध्यम से अलग-अलग विभागों में नियुक्तियां की जा रही हैं।
‘मिशन रोजगार’ के अंतर्गत UPPSC एवं UPSSSC द्वारा व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग में अनुदेशक, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी, आयुष विभाग में प्रोफेसर, रीडर, लेक्चरर व फार्मासिस्ट और चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग… pic.twitter.com/CCNLInk1bn
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 19, 2026
818 चयनित अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम में UPPSC और UPSSSC के जरिए विभिन्न पदों के लिए चयनित 818 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकारी सेवा में आने के बाद उन्हें पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
पिछली सरकार पर योगी आदित्यनाथ ने लगाए आरोप
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की समाजवादी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता की कमी थी और भर्ती संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते थे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में भर्ती आयोगों और चयन बोर्डों को राजनीतिक हस्तक्षेप से अलग रखते हुए निष्पक्ष प्रक्रिया पर जोर दिया गया है। हालांकि, पिछली सरकार को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं।
‘मिशन रोजगार’ के तहत भर्ती पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन रोजगार के तहत युवाओं को सरकारी और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने पर सरकार के फोकस की बात कही।
कार्यक्रम में आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, संसदीय कार्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
युवाओं के लिए क्या है संदेश?
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियों का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए आगामी भर्ती परीक्षाओं और आधिकारिक अधिसूचनाओं पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
उम्मीदवारों को भर्ती से जुड़ी जानकारी के लिए संबंधित आयोग या विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन को ही आधार बनाना चाहिए। किसी भी भर्ती की पात्रता, परीक्षा तिथि, रिक्तियों और आवेदन प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही की जानी चाहिए।

