जानें स्कंद षष्ठी 2025 की तारीख, पूजा विधि और भगवान कार्तिकेय को प्रसन्न करने के उपाय। इस दिन कैसे पाएं बाधाओं से मुक्ति और भगवान मुरुगन का आशीर्वाद।
हर माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला स्कंद षष्ठी व्रत भगवान कार्तिकेय को समर्पित एक प्रमुख धार्मिक पर्व है। सावन माह की स्कंद षष्ठी 30 जुलाई 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त भगवान स्कंद (कार्तिकेय) की पूजा करके विजय, सुख और समृद्धि की प्राप्ति का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। दक्षिण भारत, विशेषकर तमिल समुदाय में, स्कंद षष्ठी का पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा से मनाया जाता है।
स्कंद षष्ठी 2025 शुभ मुहूर्त
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षष्ठी तिथि प्रारंभ: 30 जुलाई 2025, रात 12:46 बजे
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षष्ठी तिथि समाप्त: 31 जुलाई 2025, रात 2:41 बजे
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व्रत तिथि: 30 जुलाई 2025 (बुधवार)
स्कंद षष्ठी पूजा विधि:
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सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें।
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पूजा स्थान की शुद्धि के बाद भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
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भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमाएं भी साथ में रखें।
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पूजा में फूल, चंदन, धूप, दीप, मोदक, फल और मिठाई अर्पित करें।
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भगवान कार्तिकेय को मोर पंख अर्पण करना विशेष फलदायी माना जाता है।
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पूजा के अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
स्कंद षष्ठी का धार्मिक महत्व:
मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन में आ रही सभी रुकावटें समाप्त होती हैं। भगवान कार्तिकेय युद्ध के देवता और शक्ति के प्रतीक हैं, इसलिए यह पर्व विजय, पराक्रम और सफलता के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

