Lord Rama Facts: वाल्मीकि रामायण में श्रीराम से जुड़ी हर बात लिखी गई है। राम जी के कुछ अनसुने रहस्यों को जानें।
Lord Rama Facts: श्रीराम को भारत की आत्मा कहा जाता है क्योंकि उनके आदर्श चरित्र ने समाज को एकजुट कर दिया। ब्राह्मण संहिताओं में कहा गया है, “रमन्ते सर्वत्र इत राम:” इसका अर्थ है कि यानी जो सभी जगह रमा हुआ है वो राम है।
भगवान राम का जन्म चैत्र नवरात्रि के आखिरी दिन, यानी नवमी तिथि पर हुआ था। इस दिन हर हिंदू घर में राम की पूजा की जाती है। वाल्मीकि रामायण में राम से जुड़े हर किस्सा बताया गया है। राम के कुछ रहस्यों को जानें।
वनवास के दौरान आदिवासियों को दी गई शिक्षाएं – 14 साल के वनवास के दौरान श्रीराम ने वनवासियों को कपड़े पहनना सिखाया, धनुष और बाण बनाना सिखाया और गुफाओं में मका उपयोग करना सिखाया। उन्हें एक दूसरे का सम्मान करना सिखाया और आदिवासियों में परिवार की धारणा विकसित की। यही कारण है कि आज देश में आदिवासी कबीले नहीं समुदाय हैं।
राम जी का विशिष्ट अस्त्र – कहा जाता है कि अग्निवेश ने राम को एक खास कांच दिया था, जो संभवत: दूरबीन के समान था। इसी दूरबीन से राम ने प्रक्षेपास्त्र छोड़कर नष्ट कर दिया था जब उन्होंने लंका के द्वार पर स्थित ‘दारूपंच अस्त्र’ को देखा था।
क्यों केवल बारह कलाएं थीं – श्रीराम और कृष्ण दोनों विष्णु के अवतार हैं, लेकिन श्री कृष्ण के पास 16 कलाएं थीं, जबकि श्री राम के पास 12 कलाओं से पूर्ण थे। वास्तव में श्रीराम सूर्यवंशी थे, और सूर्य की सिर्फ बारह कलाएं थीं। माना जाता है कि श्रीराम में सूर्य देव की सभी कलाएं उपस्थित थीं।
युद्ध में राम को किसने रथ भेजा – तुलसीदास बताते हैं कि रावण अपने मायारथ पर आया और श्रीराम पैदल ही उसकी ओर चले। राम जी के आत्मविश्वास और शौर्यता में कोई कमी नहीं थी लेकिन शास्त्रों के अनुसार इंद्र देव ने राम जी की सहायता के लिए अपना दिव्य रथ युद्ध भूमि पर भेजा था, रथ के सारथि थे मातलि।
विभीषण को दी लंका – रावण की हत्या के बाद भगवान राम ने रावण के छोटे भाई विभीषण को लंका का राजा बनाया।
कौवे को एक विशिष्ट वरदान मिला – इंद्रदेव के पुत्र जयंत ने श्रीराम की सच्चाई पता लगाने के लिए सीता माता को कौवे की तरह चोंच मार दी, जिससे माता घायल हो गईं। श्रीराम ने गुस्से में कोवे पर हथियार फेंक दिया। भयभीत होकर जयंत अपने असली स्वरूप में आया और बाण को नष्ट करने की विनती करने लगा, लेकिन बाण ऐसा नहीं कर सका। राम ने कहा कि इससे कम नुकसान हो सकता है। जयंत की एक आंख, जो कौवे की तरह दिखती थी, उस तीर ने तब फोड़ दी। तब भगवान श्रीराम ने कौवे को वरदान दिया था कि तुम्हें भोजन कराने से पितृ प्रसन्न होंगे।
अहिल्या देवी को श्राप से करा मुक्त – गौतम ऋषि ने अपनी पत्नी अहिल्या को पत्थर बनने का श्राप दिया था और इस श्राप से भगवान राम ने ही उन्हें मुक्ति दिलाई थी।
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