विदिशा में रबी सिंचाई के लिए 1 नवंबर 2026 से नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में जल वितरण और सिंचाई व्यवस्था पर निर्णय लिया गया।
जिले में रबी सीजन की फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को 1 नवंबर 2026 से नहरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इस संबंध में जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक अपर कलेक्टर श्रीमती मीना मसराम की अध्यक्षता में जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित हुई। इसमें शमशाबाद विधायक सूर्य प्रकाश मीणा सहित जनप्रतिनिधियों, समिति के सदस्यों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में जिले के जलाशयों में उपलब्ध पानी, सिंचाई परियोजनाओं की स्थिति, नहरों की सफाई और किसानों तक सिंचाई जल पहुंचाने की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही पेयजल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
विदिशा के बांधों में उपलब्ध पानी के आधार पर होगी सिंचाई
जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले के बांधों में उपलब्ध जल का 71 प्रतिशत हिस्सा पेयजल की जरूरतों के लिए आरक्षित रखा गया है। वहीं, जिन बांधों में 50 प्रतिशत तक जलभराव उपलब्ध है, उनसे रबी की फसलों के लिए किसानों को एक बार सिंचाई का पानी देने की व्यवस्था की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, जलाशयों में पानी की उपलब्धता को देखते हुए सिंचाई के लिए जल छोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के साथ किसानों की सिंचाई संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना है।
राज्य स्थापना दिवस से शुरू होगा नहरों में जल प्रवाह
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विदिशा जिले के सभी जलाशयों की नहरों में रबी सिंचाई के लिए 1 नवंबर 2026 से पानी छोड़ा जाएगा। यह तारीख मध्यप्रदेश के राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर निर्धारित की गई है।
नहरों में पानी का प्रवाह संबंधित जलाशयों में उपलब्ध जल की स्थिति के अनुसार संचालित होगा। इसके अलावा अधिकारियों को नहरों की साफ-सफाई समय पर कराने और जल वितरण प्रणाली को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में परेशानी न हो।
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किसानों को जल का सीमित और उचित उपयोग करने की सलाह
बैठक के दौरान नहरों के कमांड क्षेत्र में सिंचाई जल के समान वितरण पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पानी का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग करने पर अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सकता है।
किसानों से अपील की गई कि वे अपनी फसलों की जरूरत के अनुसार ही पानी का उपयोग करें और सिंचाई के दौरान जल की बर्बादी से बचें। इससे उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा और अधिक क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा पहुंचाने में मदद मिलेगी।
जल कर वसूली और पेयजल व्यवस्था पर भी हुई चर्चा
बैठक में शमशाबाद विधायक सूर्य प्रकाश मीणा ने जल कर की वसूली, विदिशा नगरपालिका को पेयजल पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने तथा किसानों को सिंचाई जल का सदुपयोग करने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया।
समिति के सदस्यों ने भी जल वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने इन सुझावों के आधार पर सिंचाई प्रबंधन और जल संसाधनों के समुचित उपयोग पर चर्चा की।
अधिक किसानों तक पहुंचे सिंचाई सुविधा का लाभ
जल संसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री श्रीमती किरण भाबोर ने कमांड क्षेत्र के किसानों से अपील की कि वे सिंचाई के लिए मिलने वाले पानी का सावधानीपूर्वक और जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि जल का मितव्ययी उपयोग सुनिश्चित करने से कमांड क्षेत्र के अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सकेगा।
बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अलावा विदिशा नगरपालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी दुर्गेश ठाकुर, गंजबासौदा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशोक वर्मा और कृषि विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

