सामाजिक न्याय मंत्रालय ने दीव में क्षेत्रीय समीक्षा बैठक आयोजित कर PM-AJAY, छात्रवृत्ति, वरिष्ठ नागरिक कल्याण और नमस्ते योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने दीव में पश्चिमी क्षेत्र की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की। इसमें विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने पर चर्चा की।
भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने की। बैठक में गोवा, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र तथा दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक कल्याण, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करना था।
लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
बैठक के दौरान सचिव सुधांश पंत ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन, जवाबदेही, संसाधनों के उचित उपयोग और निर्धारित समय में लाभ वितरण को प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्रीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से योजनाओं की प्रगति का आकलन करने, क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की पहचान करने और उनके समाधान के लिए जरूरी कदम उठाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों के सफल प्रयासों और बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करने का अवसर भी मिलता है।
बैठक में मंत्रालय और राज्यों के बीच समन्वय मजबूत करने तथा वंचित और कमजोर वर्गों के लिए सरकारी सहायता की पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
पीएम-अजय और नशा मुक्ति अभियान की समीक्षा
बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं की अलग-अलग समीक्षा की गई। इनमें प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY), नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषय शामिल रहे।
इसके अलावा, नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPDDR) और नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) की गतिविधियों पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, बजट के उपयोग, लाभार्थियों की पहचान, जागरूकता कार्यक्रमों, पुनर्वास सुविधाओं और विभागों के बीच तालमेल जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का आकलन किया। शिकायत निवारण व्यवस्था तथा निगरानी प्रणाली को बेहतर बनाने के उपायों पर भी विचार किया गया।
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छात्रवृत्ति योजनाओं और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर चर्चा
बैठक में विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्तियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसमें पात्र छात्रों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने, आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) तथा आर्थिक सहायता समय पर उपलब्ध कराने से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
अधिकारियों ने उन विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया, जो पात्र होने के बावजूद किसी कारण से सहायता प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।
इसके साथ ही अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सुरक्षा से संबंधित पहलुओं पर विचार किया गया। चर्चा में बुजुर्गों की देखभाल, सामाजिक सुरक्षा, संस्थागत सहायता, सुलभ सेवाओं और सक्रिय एवं सम्मानजनक जीवन को प्रोत्साहित करने जैसे विषय शामिल रहे।
नमस्ते योजना में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा पर फोकस
क्षेत्रीय समीक्षा बैठक में नमस्ते योजना (NAMASTE) की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इस योजना के अंतर्गत सफाई कर्मचारियों और कचरा बीनने वाले श्रमिकों की पहचान, पंजीकरण, सुरक्षा तथा सामाजिक कल्याण से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी गई।
बैठक में स्वच्छता कार्यों के मशीनीकरण, श्रमिकों के स्वास्थ्य और व्यावसायिक सुरक्षा, आजीविका सहायता तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के प्रयासों की समीक्षा की गई।
स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और मौतों को रोकने के लिए सुरक्षित कार्यप्रणाली अपनाने तथा श्रमिकों की गरिमा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
राज्यों को दिए जाएंगे सुधार के लिए जरूरी दिशा-निर्देश
बैठक में शामिल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने योजनाओं को लागू करने में आने वाली चुनौतियों और उनके संभावित समाधानों पर चर्चा की। लाभार्थियों की पहचान में कमियों को दूर करने, जनजागरूकता बढ़ाने, शिकायतों का समय पर निपटारा करने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने को महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।
इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने तथा तकनीक की मदद से सेवा वितरण में सुधार लाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
समापन सत्र में बैठक के प्रमुख निष्कर्षों और सुझावों को संकलित करने के साथ आगे की कार्रवाई की रूपरेखा पर चर्चा की गई। इसमें संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय करने, कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और अनुवर्ती कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया।
वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और नशामुक्त भारत का संदेश
बैठक के दौरान मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने प्रतिभागियों को वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से संबंधित शपथ और नशा मुक्त भारत अभियान की शपथ दिलाई।
उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सरकार, संस्थानों और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
दीव में आयोजित यह क्षेत्रीय समीक्षा बैठक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और पात्र लाभार्थियों तक सरकारी सहायता पहुंचाने के प्रयासों की महत्वपूर्ण कड़ी रही।

