सैकरीन सेहत के लिए कितना सुरक्षित है? जानें सैकरीन की सुरक्षित मात्रा, किन खाद्य पदार्थों में इसका इस्तेमाल होता है और बच्चों के लिए जरूरी सावधानियां।
चीनी का सेवन कम करने के लिए आजकल कई लोग आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का इस्तेमाल करते हैं। इनमें सैकरीन एक लंबे समय से इस्तेमाल किया जाने वाला स्वीटनर है। यह सामान्य चीनी की तुलना में कई गुना अधिक मीठा होता है, इसलिए खाद्य पदार्थों में इसकी बहुत कम मात्रा की जरूरत पड़ती है।
सैकरीन का इस्तेमाल कई टेबल-टॉप स्वीटनर्स और शुगर-फ्री खाद्य उत्पादों में किया जाता है। हालांकि, इसके सेवन को लेकर लंबे समय से सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सवाल उठते रहे हैं। वैज्ञानिक संस्थाओं के मौजूदा आकलन के अनुसार, निर्धारित स्वीकार्य दैनिक सेवन सीमा के भीतर सैकरीन को सुरक्षित माना जाता है।
सैकरीन को लेकर कैंसर का खतरा कितना है?
सैकरीन की सुरक्षा पर चर्चा के दौरान कैंसर का मुद्दा सबसे ज्यादा सामने आता है। पुराने समय में चूहों पर किए गए कुछ अध्ययनों में सैकरीन के सेवन और ब्लैडर ट्यूमर के बीच संबंध देखा गया था। इसके बाद इस स्वीटनर की सुरक्षा को लेकर कई शोध किए गए।
अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अनुसार, बाद के मानव अध्ययनों में चूहों में देखे गए प्रभाव को इंसानों पर उसी तरह लागू नहीं पाया गया। इसी आधार पर सैकरीन को निर्धारित उपयोग की शर्तों के तहत मानव सेवन के लिए स्वीकार किया गया।
रोज कितनी मात्रा तक सैकरीन लेना माना जाता है सुरक्षित?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से जुड़ी खाद्य योजक विशेषज्ञ समिति JECFA ने सैकरीन और इसके सोडियम, पोटैशियम तथा कैल्शियम लवणों के लिए 0 से 5 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम शरीर के वजन प्रतिदिन की स्वीकार्य दैनिक सेवन सीमा निर्धारित की है।
उदाहरण के लिए, 60 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति के लिए यह सीमा लगभग 300 मिलीग्राम प्रतिदिन तक बैठती है। यह अधिकतम स्वीकार्य सीमा है, न कि रोज इतनी मात्रा लेने की सलाह।
इसलिए सैकरीन वाले उत्पादों का सेवन करते समय मात्रा और पूरे दिन में लिए जाने वाले अन्य खाद्य पदार्थों को ध्यान में रखना जरूरी है।
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किन चीजों में पाया जाता है सैकरीन?
सैकरीन का प्रमुख इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में चीनी की जगह मिठास देने के लिए किया जाता है। भारत में खाद्य नियमों के तहत सैकरीन और इसके कुछ लवणों को स्वीटनर के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
यह कुछ टेबल-टॉप स्वीटनर्स, शुगर-फ्री प्रोडक्ट्स, पेय पदार्थों और प्रोसेस्ड फूड्स में इस्तेमाल हो सकता है। हालांकि, हर शुगर-फ्री उत्पाद में सैकरीन मौजूद हो, यह जरूरी नहीं है।
किसी प्रोडक्ट में यह स्वीटनर मौजूद है या नहीं, इसकी जानकारी उसके पैकेट पर दिए गए इंग्रीडिएंट लेबल से मिल सकती है। लेबल पर Saccharin, Sodium Saccharin या INS 954 जैसे नाम देखें।
बच्चों के लिए सैकरीन को लेकर क्यों बरतें सावधानी?
बच्चों के मामले में आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए। खाद्य लेबलिंग से जुड़े भारतीय नियमों के तहत सैकरीन वाले कुछ टेबल-टॉप स्वीटनर्स पर बच्चों के लिए उपयुक्त न होने संबंधी चेतावनी दी जाती है।
इसलिए बच्चों को सैकरीन या किसी अन्य आर्टिफिशियल स्वीटनर का नियमित इस्तेमाल अपनी तरफ से शुरू कराने के बजाय डॉक्टर या योग्य पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
क्या शुगर-फ्री का मतलब पूरी तरह हेल्दी है?
किसी पैकेट पर Sugar Free लिखा होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह खाद्य पदार्थ पूरी तरह स्वास्थ्यवर्धक है। ऐसे उत्पादों में कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट या अन्य सामग्री मौजूद हो सकती है।
अगर आप चीनी का सेवन कम करना चाहते हैं, तो केवल स्वीटनर बदलने के बजाय मीठे पेय, मिठाइयों और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों की कुल मात्रा पर भी ध्यान देना जरूरी है।
सैकरीन इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- उत्पाद का इंग्रीडिएंट लेबल ध्यान से पढ़ें।
- Saccharin, Sodium Saccharin या INS 954 जैसे नामों की जांच करें।
- निर्धारित स्वीकार्य दैनिक सेवन सीमा से अधिक मात्रा लेने से बचें।
- बच्चों के लिए आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से करें।
- शुगर-फ्री उत्पाद को जरूरत से ज्यादा मात्रा में सेवन करने से बचें।

