पंजाब सरकार ने करीब 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते में 8% बढ़ोतरी का ऐलान किया। जानें डीए बढ़ोतरी और अन्य अहम फैसले।
पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 8 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के अनुसार, इस फैसले का लाभ करीब 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलने की बात कही गई है। बढ़ा हुआ डीए वेतन में किस तारीख से दिखाई देगा, इसे लेकर सरकार की ओर से अलग-अलग बयानों में सितंबर और अक्टूबर का उल्लेख किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान कई अन्य मांगों पर भी चर्चा की। सरकार ने लंबे समय से लंबित मुद्दों पर आगे बातचीत जारी रखने और नियमित संवाद के लिए हर महीने बैठक आयोजित करने की बात कही है।
डीए में 8 प्रतिशत बढ़ोतरी
बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 8 प्रतिशत वृद्धि की जानकारी दी। सरकार के मुताबिक, यह बढ़ोतरी दो 4-4 प्रतिशत की किस्तों के रूप में दिए जाने की बात कही गई है।
इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ती महंगाई के बीच अतिरिक्त वित्तीय राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार ने कर्मचारी कल्याण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि कर्मचारियों की संतुष्टि का असर सरकारी सेवाओं की कार्यप्रणाली पर भी पड़ता है।
पुरानी पेंशन समेत कई मुद्दों पर चर्चा
बैठक में केवल डीए बढ़ोतरी ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनर्स की कई पुरानी मांगों पर भी बातचीत हुई। इनमें पुरानी पेंशन योजना (OPS), परिवीक्षा अवधि के दौरान वेतन, विभिन्न भत्तों की बहाली और सुनिश्चित करियर प्रगति (ACP) जैसे मुद्दे शामिल हैं।
सरकार ने इन मामलों की नियमों, वित्तीय प्रभाव और कानूनी स्थिति के आधार पर समीक्षा करने की बात कही है। इन मुद्दों पर आगे की चर्चा के लिए अक्टूबर के पहले सप्ताह में दोबारा बैठक करने की जानकारी दी गई।
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हर महीने होगी कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक
कर्मचारियों और सरकार के बीच संवाद को नियमित बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने हर महीने कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को समय रहते सरकार के सामने रखना और उनके समाधान की दिशा में बातचीत करना है।
सरकार की ओर से कहा गया कि कर्मचारी संगठनों के साथ लगातार संवाद के जरिए लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी और वास्तविक समस्याओं पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
महिला कर्मचारियों की पोस्टिंग को लेकर भी घोषणा
बैठक में महिला सरकारी कर्मचारियों की पोस्टिंग से जुड़ा मुद्दा भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला कर्मचारियों को उनके घर से 40 किलोमीटर के दायरे में पोस्टिंग देने के लिए कदम उठाए गए हैं।
सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य महिला कर्मचारियों को नौकरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद करना है।
करीब 70 हजार सरकारी नौकरियों का दावा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में रोजगार से जुड़ी सरकारी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब 70,000 सरकारी नौकरियां पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया के माध्यम से दी गई हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में योग्यता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है, ताकि युवाओं को सरकारी सेवा में चयन का अवसर निष्पक्ष तरीके से मिल सके।
सरकार ने कर्मचारियों को बताया प्रशासन की रीढ़
मुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने, जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने और रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारी संगठनों के साथ टकराव के बजाय बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।
वित्तीय अनुशासन के साथ कर्मचारी कल्याण पर जोर
मुख्यमंत्री ने राज्य के वित्तीय संसाधनों के जिम्मेदारी से इस्तेमाल की बात भी कही। सरकार के अनुसार, कर्मचारी कल्याण और राज्य की वित्तीय स्थिति के बीच संतुलन बनाते हुए फैसले लिए जाएंगे।
डीए बढ़ोतरी को भी इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है। त्योहारी सीजन से पहले इस घोषणा से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलने की बात कही गई है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और डॉ. बलजीत कौर के अलावा मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, महासचिव प्रशासन केके यादव सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

