पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना में छात्रवृत्ति के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है। जानें आधार न होने पर बच्चों को कैसे मिलेगा योजना का लाभ।
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना: केंद्र सरकार ने पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत विशेष छात्रवृत्ति का लाभ लेने वाले बच्चों के लिए आधार प्रमाणीकरण या आधार संख्या का प्रमाण देना अनिवार्य कर दिया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इस योजना के अंतर्गत पहली से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई जारी रखने के लिए पात्र बच्चों को सहायता प्रदान की जाती है।
पीएम केयर्स योजना के लिए आधार प्रमाणीकरण जरूरी
सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए बच्चों को आधार प्रमाणीकरण कराना होगा या अपनी आधार संख्या का प्रमाण देना होगा। इस संबंध में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।
इस नियम का उद्देश्य योजना के लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना और सहायता वितरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना है।
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आधार नहीं होने पर भी बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार प्रमाणीकरण में विफलता या आधार संख्या जारी नहीं होने के कारण किसी भी बच्चे को योजना की सहायता से वंचित नहीं किया जाएगा।
ऐसी स्थिति में बच्चे की पहचान की पुष्टि निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों के माध्यम से की जाएगी। इसके साथ ही बच्चे का उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक के साथ संबंध भी प्रमाणित करना होगा। आवश्यक सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र बच्चे को योजना का लाभ दिया जा सकेगा।
पहली से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई के लिए सहायता
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत पात्र बच्चों को पहली से 12वीं कक्षा तक अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए सहायता दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा को जारी रखने में मदद करना और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के अवसर उपलब्ध कराना है।
नए निर्देशों के तहत आधार प्रमाणीकरण को प्रक्रिया में शामिल किया गया है। हालांकि, आधार उपलब्ध नहीं होने या प्रमाणीकरण में समस्या आने पर वैकल्पिक दस्तावेजों से पहचान की पुष्टि करने का प्रावधान भी रखा गया है। इससे पात्र बच्चों को केवल आधार संबंधी समस्या के कारण शैक्षणिक सहायता से वंचित नहीं होना पड़ेगा।

