बिहार सरकार ने PM आवास योजना (शहरी) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 24.14 करोड़ रुपये मंजूर किए। जानें योजना से जुड़ी पूरी जानकारी।
बिहार सरकार ने शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 24.14 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है। इस राशि से योजना के अंतर्गत आवास निर्माण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
PM आवास योजना शहरी के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने जारी की राशि
नगर विकास एवं आवास विभाग ने योजना के लिए स्वीकृत राशि के संबंध में आदेश जारी कर दिया है। कुल 24.14 करोड़ रुपये में केंद्र सरकार और बिहार सरकार, दोनों का योगदान शामिल है।
स्वीकृत राशि में केंद्रांश के रूप में 16.10 करोड़ रुपये और राज्यांश के रूप में 8.03 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस फंड का इस्तेमाल शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण से संबंधित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
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सामान्य, SC और ST श्रेणियों के लिए भी राशि निर्धारित
विभाग के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत सामान्य श्रेणी के साथ-साथ अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) घटकों के लिए भी राशि का प्रावधान किया गया है। इन श्रेणियों से संबंधित परियोजनाओं में घरों के निर्माण के लिए स्वीकृत फंड का उपयोग किया जाएगा।
नगर निकायों और योजना लागू करने वाली एजेंसियों को निर्धारित राशि खर्च करने की अनुमति दी गई है। हालांकि, फंड का इस्तेमाल आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही करना होगा।
क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)?
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की शुरुआत 17 जून 2015 को की गई थी। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य शहरों में रहने वाले ऐसे परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने में सहायता देना है, जिनके पास अपना आवास नहीं है।
योजना के तहत कम से कम 30 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले पक्के मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। बिहार सरकार की ओर से 24.14 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने से राज्य में योजना से जुड़ी आवास निर्माण परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे शहरी क्षेत्रों में आवास की जरूरत वाले परिवारों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

