Moneyview IPO का आज आखिरी दिन, इश्यू 11 गुना सब्सक्राइब हुआ। GMP 41% प्रीमियम पर, जानें IPO की कीमत, लिस्टिंग और निवेश से जुड़े जोखिम।
Moneyview IPO: डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी Moneyview के ₹1,092 करोड़ के आईपीओ को निवेशकों की तरफ से मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। 24 सितंबर को खुला यह इश्यू 28 सितंबर को बंद हो रहा है। आखिरी दिन सुबह 11 बजे तक NSE के आंकड़ों के मुताबिक आईपीओ को कुल मिलाकर करीब 11 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
आईपीओ में गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की हिस्सेदारी में सबसे ज्यादा मांग देखने को मिली, जबकि रिटेल निवेशकों ने भी बड़ी संख्या में बोली लगाई है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 1 अक्टूबर 2026 को BSE और NSE पर प्रस्तावित है।
Moneyview IPO को मिला कैसा रिस्पॉन्स?
कंपनी ने आईपीओ में कुल 23.25 करोड़ शेयर पेश किए हैं। इसके मुकाबले 28 सितंबर की सुबह तक करीब 242.53 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हो चुकी थीं।
कैटेगरी के हिसाब से देखें तो:
- NII: करीब 30.09 गुना सब्सक्रिप्शन
- रिटेल निवेशक: करीब 7.65 गुना सब्सक्रिप्शन
- QIB: संस्थागत निवेशकों की तरफ से भी बोली प्रक्रिया जारी रही
आंकड़ों से पता चलता है कि इश्यू में गैर-संस्थागत निवेशकों की भागीदारी काफी मजबूत रही।
Moneyview IPO की जरूरी जानकारी
Moneyview IPO का प्राइस बैंड ₹32 से ₹34 प्रति शेयर तय किया गया है। इस इश्यू का कुल आकार ₹1,092 करोड़ है।
IPO से जुड़ी प्रमुख तारीखें और आंकड़े:
- IPO खुलने की तारीख: 24 सितंबर 2026
- IPO बंद होने की तारीख: 28 सितंबर 2026
- प्राइस बैंड: ₹32-₹34 प्रति शेयर
- इश्यू साइज: ₹1,092 करोड़
- फ्रेश इश्यू: ₹750 करोड़
- OFS: 10.04 करोड़ शेयर
- संभावित लिस्टिंग: 1 अक्टूबर 2026
- लिस्टिंग एक्सचेंज: BSE और NSE
एंकर निवेशकों से जुटाए ₹327.5 करोड़
पब्लिक इश्यू से पहले Moneyview ने एंकर निवेशकों से ₹327.5 करोड़ जुटाए। एंकर बुक में 9.63 करोड़ शेयर ₹34 प्रति शेयर की कीमत पर आवंटित किए गए।
एंकर निवेशकों में SBI Mutual Fund, ICICI Prudential AMC, HDFC AMC, Motilal Oswal AMC, Aditya Birla Sun Life AMC और Quant Mutual Fund जैसे संस्थागत निवेशक शामिल रहे। Goldman Sachs और Amundi Funds जैसे विदेशी निवेशकों ने भी एंकर बुक में भाग लिया।
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IPO से मिले पैसों का क्या करेगी Moneyview?
फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार को बढ़ाने और वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए करेगी।
कंपनी की योजना के मुताबिक:
- ₹325 करोड़ DLG व्यवस्था के तहत लोन डिस्बर्समेंट बढ़ाने में लगाए जाएंगे।
- ₹250 करोड़ सहायक कंपनी Whizdm Finance के कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल होंगे।
- बाकी राशि सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए रखी जाएगी।
क्या है Moneyview का बिजनेस मॉडल?
Moneyview एक डिजिटल फाइनेंशियल सर्विसेज प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए ग्राहक पर्सनल लोन, इंश्योरेंस, क्रेडिट कार्ड और डिजिटल गोल्ड जैसे वित्तीय उत्पादों तक पहुंच बना सकते हैं।
कंपनी बैंकों, NBFCs, इंश्योरेंस कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर ग्राहकों को इन सेवाओं से जोड़ने का काम करती है।
वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?
Moneyview के वित्तीय आंकड़ों में भी हाल के वर्षों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब ₹244.1 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू बढ़कर करीब ₹3,351.2 करोड़ पहुंच गया।
जून 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट करीब ₹173.8 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹67.2 करोड़ था। इसी अवधि में ऑपरेशंस से रेवेन्यू करीब 50.2% बढ़कर ₹1,041.1 करोड़ हो गया।
Moneyview IPO GMP कितना है?
आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में भी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। InvestorGain के आंकड़ों के अनुसार 28 सितंबर की सुबह Moneyview के शेयर करीब 41% के GMP पर कारोबार कर रहे थे।
हालांकि, GMP अनौपचारिक और गैर-नियामक संकेतक है। यह शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत या लिस्टिंग के बाद मिलने वाले रिटर्न की गारंटी नहीं देता।
ब्रोकरेज हाउस की क्या राय है?
Moneyview IPO को लेकर ब्रोकरेज फर्मों की राय एक जैसी नहीं है। कुछ ब्रोकरेज ने कंपनी के यूजर बेस, टियर-2 और छोटे शहरों में विस्तार तथा नए वित्तीय उत्पादों की संभावनाओं को सकारात्मक पहलू माना है।
वहीं, कुछ विश्लेषकों ने अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन से जुड़े जोखिम और क्रेडिट साइकिल को लेकर सावधानी बरतने की बात कही है। इसलिए निवेशकों के लिए कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन, कारोबार से जुड़े जोखिम और IPO दस्तावेजों को समझना महत्वपूर्ण है।
SBI Securities ने Moneyview IPO को ‘Subscribe’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी क्रेडिट प्रोफाइल समझने के लिए ग्राहक की सहमति के बाद उपलब्ध विभिन्न डेटा स्रोतों का इस्तेमाल करती है। इनमें बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजैक्शनल SMS, क्रेडिट ब्यूरो डेटा, रीपेमेंट हिस्ट्री और ऐप यूसेज पैटर्न जैसे डेटा शामिल हैं।
निवेश से पहले किन बातों पर ध्यान दें?
Moneyview IPO को लेकर सब्सक्रिप्शन और GMP के आंकड़े मजबूत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन ये अकेले निवेश का आधार नहीं होने चाहिए। IPO में निवेश से पहले कंपनी का बिजनेस मॉडल, वैल्यूएशन, कर्ज और क्रेडिट रिस्क, वित्तीय प्रदर्शन, प्रतिस्पर्धा और ऑफर डॉक्यूमेंट में बताए गए जोखिमों को देखना जरूरी है।

