महिला किसान दिवस पर शिवराज सिंह चौहान ने महिला किसानों को पहचान दिलाने और ग्रामीण आजीविका बढ़ाने पर जोर दिया। सांची में 46 सड़कों का भूमिपूजन भी किया।
महिला किसान दिवस 2026: केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के सांची दौरे के दौरान महिला किसानों के सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि खेती में वास्तविक योगदान देने वाली महिलाओं को महिला किसान के रूप में औपचारिक पहचान दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 ग्रामीण सड़कों का भूमिपूजन भी किया गया। इन सड़कों के निर्माण से गांवों में आवागमन बेहतर होने और ग्रामीण विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
महिला किसानों को मिलेगी औपचारिक पहचान
महिला किसान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाएं खेतों में काम करने के साथ पशुपालन, दूध उत्पादन, चारा प्रबंधन और पशुओं की देखभाल में भी बड़ा योगदान देती हैं। इसके बावजूद कई महिलाओं को किसान के रूप में औपचारिक पहचान नहीं मिल पाती।
उन्होंने कहा कि किसान होने का आधार केवल जमीन का मालिक होना नहीं, बल्कि खेती में वास्तविक भागीदारी भी होना चाहिए। जो महिलाएं अपने हाथों से खेती करती हैं, उन्हें महिला किसान के रूप में पहचान और सम्मान मिलना चाहिए। इस विषय को संबंधित मंचों पर मजबूती से उठाने का प्रयास किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अनाज उत्पादन के अलावा फल-सब्जियों की खेती, औषधीय पौधों का उत्पादन, मछली पालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियां भी कृषि अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को पहचान देना जरूरी है।
रायसेन और विदिशा में शुरू होगा आजीविका अभियान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रायसेन और विदिशा जिलों से पायलट अभियान शुरू करने की योजना है। इसका उद्देश्य गांव के प्रत्येक परिवार को कम से कम एक आजीविका के साधन से जोड़ना और गांवों को गरीबी मुक्त बनाने की दिशा में काम करना है।
उन्होंने कहा कि गरीबी दूर करने के लिए केवल आर्थिक सहायता देना पर्याप्त नहीं है। परिवारों के लिए नियमित आय और रोजगार के अवसर विकसित करना भी जरूरी है। इसके लिए खेती, पशुपालन, बकरी पालन, मछली पालन, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
इस अभियान में महिला किसानों की भूमिका अहम होगी। महिलाओं को आय के स्थायी साधनों से जोड़कर परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
महिला किसान खेती के साथ शुरू करें छोटे उद्योग
केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं से पारंपरिक कृषि गतिविधियों के साथ कृषि आधारित छोटे उद्यम शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाएं बड़ी, पापड़ और अचार बनाने जैसे कामों के अलावा कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग के जरिए भी अपनी आय बढ़ा सकती हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिन क्षेत्रों में दलहन का अधिक उत्पादन होता है, वहां छोटी दाल मिल स्थापित की जा सकती है। इसी तरह तेल मिल, टमाटर से केचप बनाने और दूसरे खाद्य उत्पादों की प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योग शुरू किए जा सकते हैं।
ऐसे उद्यमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य हासिल करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए महिलाओं को प्रशिक्षण, मशीनरी, तकनीकी मार्गदर्शन और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण और ऋण की सुविधा पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी प्रशिक्षण की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। महिलाओं को कारोबार शुरू करने के दौरान लाइसेंस, दस्तावेजीकरण और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में भी मार्गदर्शन मिलना चाहिए।
उन्होंने महिला किसानों और उद्यमियों के लिए ऐसे ऋण की सुविधा विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया, जिनमें गारंटी की बाध्यता कम हो या न हो। इससे उन महिलाओं को मदद मिल सकती है, जो आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पातीं।
उनके अनुसार, महिलाओं को सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें तो वे कृषि आधारित उद्योगों को आगे बढ़ा सकती हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
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महिला किसान मंच से मिलेगा सहयोग और मार्गदर्शन
केंद्रीय मंत्री ने महिला किसान मंच की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं को ऐसा साझा मंच मिलना चाहिए, जहां वे अपने अनुभवों को साझा कर सकें और एक-दूसरे से सीख सकें। इस तरह के मंच महिलाओं को नई जानकारी हासिल करने और सामूहिक रूप से आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। महिलाओं को आर्थिक अवसरों के साथ सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार, समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जब महिला किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो परिवारों की आय बढ़ेगी और गांवों की अर्थव्यवस्था भी अधिक सशक्त बनेगी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 सड़कों का भूमिपूजन
सांची दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 46 ग्रामीण सड़कों के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए जरूरी है।
इन सड़कों के बनने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ गांवों को आसपास के क्षेत्रों से बेहतर संपर्क उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने सड़क निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया और सुझाव दिया कि निर्माण कार्यों से संबंधित शिलान्यास कार्यक्रम गांवों में आयोजित किए जाएं, ताकि स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।
सांची क्षेत्र में गरीब परिवारों को पक्के मकान दिलाने पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने को प्राथमिकता बताते हुए सांची विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत मकानों के आंकड़े भी साझा किए।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 3,081 और 2024-25 में 5,035 मकान स्वीकृत किए गए। इसके अलावा, पीएम जनमन योजना के तहत 218 और धरती आबा योजना के अंतर्गत 246 मकानों को मंजूरी दी गई है।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, हालिया सर्वेक्षण में सांची विधानसभा क्षेत्र में 22,477 अतिरिक्त मकानों की जरूरत सामने आई है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के पास कच्चे मकान हैं और जिनका सर्वे पूरा हो चुका है, उन्हें पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर सरकार का फोकस
महिला किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में महिला किसानों को पहचान दिलाने, ग्रामीण परिवारों को आजीविका से जोड़ने, कृषि आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार जैसे विषय प्रमुख रहे।
महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के प्रयासों से उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य है। वहीं, ग्रामीण सड़कों और आवास से जुड़ी पहल गांवों में जीवन स्तर सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

