केन ग्रिफिन ने कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी को 3 अरब डॉलर दान देने का ऐलान किया है। इसमें 2 अरब डॉलर मियामी में नए कैंपस के निर्माण पर खर्च होंगे।
सिटाडेल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केन ग्रिफिन ने कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी को 3 अरब डॉलर देने की घोषणा की है। इस राशि में से 2 अरब डॉलर मियामी में विश्वविद्यालय का नया कैंपस विकसित करने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। इस बड़े योगदान को उच्च शिक्षा संस्थान के लिए अब तक के सबसे बड़े निजी दानों में शामिल बताया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के मुताबिक, मियामी में प्रस्तावित परिसर के जरिए शिक्षा, अनुसंधान, तकनीक और उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा देने की योजना है। कैंपस में ऐसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनका संबंध भविष्य की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से है।
मियामी में कैंपस क्यों बना रहे हैं केन ग्रिफिन?
केन ग्रिफिन लंबे समय से मियामी और दक्षिण फ्लोरिडा में कारोबार तथा शिक्षा के विस्तार का समर्थन करते रहे हैं। उनका मानना है कि कार्नेगी मेलन को मियामी लाने से शहर में नई प्रतिभाओं, शोध और कारोबार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।
नए कैंपस का उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को तकनीक तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में काम करने के अवसर देना है। इसके अलावा विश्वविद्यालय और स्थानीय उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने की भी योजना है।
सिटाडेल का मुख्यालय भी मियामी हुआ था स्थानांतरित
केन ग्रिफिन की मियामी में रुचि पहले से रही है। वर्ष 2022 में उनकी कंपनी सिटाडेल ने अपना मुख्यालय शिकागो से मियामी स्थानांतरित किया था। इसके बाद ग्रिफिन ने दक्षिण फ्लोरिडा के कारोबारी माहौल और विकास की संभावनाओं को लेकर कई बार अपने विचार साझा किए।
कार्नेगी मेलन का नया कैंपस भी मियामी में शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र को मजबूत करने की इसी दिशा का हिस्सा माना जा रहा है।
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पहले भी शिक्षा संस्थानों को दे चुके हैं बड़ा दान
कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी को दिया जाने वाला यह योगदान ग्रिफिन के पिछले शैक्षणिक दानों से काफी बड़ा है। इससे पहले उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को 30 करोड़ डॉलर और शिकागो यूनिवर्सिटी को 12.5 करोड़ डॉलर का दान दिया था।
दक्षिण फ्लोरिडा में भी ग्रिफिन ने स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े संस्थानों को आर्थिक सहयोग दिया है। उनके परोपकारी प्रयासों में मियामी क्षेत्र के विभिन्न संस्थान शामिल रहे हैं।
मियामी में कहां बनेगा नया कैंपस?
कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी का प्रस्तावित नया परिसर मियामी के विनवुड इलाके में बनाया जाएगा। यह क्षेत्र कला और रचनात्मक गतिविधियों के लिए जाना जाता है।
योजना के अनुसार, कैंपस करीब 35 एकड़ में विकसित किया जाएगा। निर्माण कार्य 2027 में शुरू होने की उम्मीद है, जबकि छात्रों के लिए दाखिले की शुरुआत 2028 में किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। भविष्य में इस परिसर में 3,500 से अधिक छात्रों को जगह देने की क्षमता विकसित करने की योजना है।
छात्रों की पढ़ाई में किन विषयों पर रहेगा जोर?
नए कैंपस में पारंपरिक शैक्षणिक विषयों के साथ भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों पर भी ध्यान दिया जाएगा। जलवायु परिवर्तन, तकनीकी विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानव-केंद्रित नवाचार इसके प्रमुख क्षेत्र हो सकते हैं।
विश्वविद्यालय की योजना ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम तैयार करने की है, जिनमें छात्रों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं पर शोध और समाधान विकसित करने का अवसर मिले।
हार्वर्ड को दान देने से क्यों पीछे हटे थे ग्रिफिन?
केन ग्रिफिन ने 2024 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को दान रोकने की जानकारी दी थी। उन्होंने इसके पीछे विश्वविद्यालय के कैंपस में यहूदी-विरोधी भावना से निपटने के तरीके को लेकर अपनी आपत्तियों का हवाला दिया था।
ग्रिफिन ने इससे पहले उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका को लेकर भी अपने विचार रखे हैं। उनका कहना रहा है कि विश्वविद्यालयों को छात्रों को भविष्य में नेतृत्व की जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने के साथ महत्वपूर्ण सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए।
3 अरब डॉलर के दान से क्या होगा फायदा?
कार्नेगी मेलन को मिलने वाली बड़ी राशि से विश्वविद्यालय की शिक्षा और अनुसंधान गतिविधियों के विस्तार में मदद मिल सकती है। खासतौर पर मियामी परिसर के जरिए तकनीक, जलवायु, राष्ट्रीय सुरक्षा और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में नए अवसर विकसित किए जाने की योजना है।
मियामी के कारोबारी और तकनीकी वातावरण के साथ विश्वविद्यालय के जुड़ने से छात्रों, शोधकर्ताओं और कंपनियों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।
इस तरह कार्नेगी मेलन का प्रस्तावित मियामी कैंपस शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग को एक मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर विकसित किया जा रहा है।

