राजस्थान सरकार 2027-28 के लिए अलग यूथ बजट तैयार कर रही है। इसमें युवाओं की शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप और युवा कल्याण योजनाओं पर फोकस रहेगा।
राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए अलग से यूथ बजट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कृषि बजट की तर्ज पर तैयार किए जाने वाले इस बजट में युवाओं से संबंधित योजनाओं, उनके लिए किए जाने वाले वित्तीय प्रावधान और योजनाओं की प्रगति को अलग से प्रस्तुत करने की तैयारी है।
सरकार की इस पहल के तहत युवाओं की शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और युवा कल्याण से जुड़ी योजनाओं को प्रमुखता दी जाएगी। इसके लिए विभिन्न विभागों से आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही युवाओं और आम नागरिकों से सुझाव भी मांगे गए हैं, ताकि बजट में उनकी जरूरतों और अपेक्षाओं को शामिल किया जा सके।
युवा योजनाओं के लिए बनेगा अलग सिस्टम
यूथ बजट की तैयारी में युवा मामले एवं खेल विभाग को नोडल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग अलग-अलग सरकारी विभागों में युवाओं से जुड़ी योजनाओं की जानकारी एकत्र करेगा और उन्हें एकीकृत तरीके से बजट प्रक्रिया में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसके लिए विभाग में एक अलग यूथ बजट सेल बनाए जाने की तैयारी है। विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी की जाएगी। माना जा रहा है कि यूथ बजट से संबंधित मसौदा राज्य मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में रखा जा सकता है।
पढ़ाई, रोजगार और स्टार्टअप पर रहेगा ध्यान
प्रस्तावित यूथ बजट में युवाओं की शिक्षा और कौशल विकास के साथ रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को प्रमुखता मिलने की उम्मीद है। सरकार की निर्धारित गाइडलाइन के मुताबिक जिन योजनाओं में युवाओं के लिए 70 प्रतिशत या उससे अधिक प्रावधान होगा, उन्हें एक अलग श्रेणी में रखा जाएगा। वहीं, 70 प्रतिशत से कम प्रावधान वाली योजनाओं को दूसरी श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
छात्रवृत्ति, खेल गतिविधियों, प्रशिक्षण, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं पर होने वाले खर्च को भी अलग से दर्शाने की योजना है। इससे युवाओं के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं पर होने वाले सरकारी खर्च को एक जगह समझना आसान होगा।
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योजनाओं के बजट और खर्च की होगी निगरानी
सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग विभागों में संचालित युवा केंद्रित योजनाओं की एकीकृत जानकारी उपलब्ध कराना है। इसके जरिए योजनाओं के लिए आवंटित बजट, वास्तविक खर्च और उनकी प्रगति की निगरानी को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है।
योजनाओं की प्रगति के साथ आवंटित धनराशि के उपयोग से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि युवाओं के लिए निर्धारित योजनाओं पर बजट का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है।
युवा संवाद में हुई थी यूथ बजट की घोषणा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 17 सितंबर को युवाओं के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए यूथ बजट लाने की घोषणा की थी। इसके बाद वित्त विभाग ने इस दिशा में तैयारियां शुरू करते हुए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय करने की प्रक्रिया शुरू की।
सरकार का प्रस्ताव है कि युवाओं से जुड़े मुद्दों और योजनाओं को बजट में अधिक स्पष्ट तरीके से प्रस्तुत किया जाए। हालांकि अभी यूथ बजट का कुल आकार और इसमें शामिल की जाने वाली योजनाओं की अंतिम सूची तय नहीं हुई है।
युवाओं और आम जनता से मांगे गए सुझाव
राज्य सरकार ने बजट को लेकर युवाओं के साथ-साथ आम नागरिकों से भी सुझाव आमंत्रित किए हैं। इच्छुक लोग वित्त विभाग के पोर्टल के माध्यम से हिंदी या अंग्रेजी भाषा में अपने सुझाव भेज सकते हैं।
यूथ बजट का अंतिम स्वरूप तैयार होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इसमें कितनी राशि का प्रावधान किया जाता है और किन-किन योजनाओं को इसमें शामिल किया जाता है। फिलहाल सरकार विभागीय स्तर पर आंकड़े और प्रस्ताव जुटाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है।

