हरियाणा में जोनिंग नियम बदलने की तैयारी है। जानें आवासीय, औद्योगिक, कृषि और व्यावसायिक क्षेत्रों में किन गतिविधियों पर रोक का प्रस्ताव है।
हरियाणा के शहरी और विकास क्षेत्रों में जमीन के इस्तेमाल से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी चल रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अलग-अलग जोन में क्या-क्या गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी, इसकी सूची तैयार की जाएगी। फिलहाल यह प्रस्तावित बदलाव है और अंतिम निर्णय आपत्तियों एवं सुझावों पर विचार के बाद लिया जाएगा।
नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने इस संबंध में सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों से निर्धारित अवधि में सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। प्रस्ताव के मुताबिक मौजूदा व्यवस्था में किसी जोन में अनुमत गतिविधियों की सूची के बजाय प्रतिबंधित गतिविधियों को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करने की व्यवस्था लाई जा सकती है।
आवासीय इलाकों में कई गतिविधियों पर रोक का प्रस्ताव
प्रस्तावित नियमों के अनुसार आवासीय क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों और औद्योगिक कॉलोनियों को अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्र, रीसाइक्लिंग यूनिट, आईटी एवं साइबर पार्क, डाटा सेंटर, बड़े वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क और कंटेनर डिपो जैसी गतिविधियों को भी प्रतिबंधित सूची में रखा गया है।
थोक व्यापार, ट्रांसपोर्ट नगर, एयरपोर्ट, रेलवे यार्ड, बस अड्डे और ट्रक पार्किंग जैसी गतिविधियां भी आवासीय जोन में प्रतिबंधित प्रस्तावित हैं। सीवेज एवं कचरा प्रबंधन संयंत्र, श्मशान-कब्रिस्तान, बूचड़खाने, डेयरी-पोल्ट्री फार्म, खनन और पत्थर क्रशिंग जैसी गतिविधियों पर भी रोक का प्रस्ताव है।
कमर्शियल जोन में भी कई गतिविधियां होंगी प्रतिबंधित
व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए भी कई तरह की गतिविधियों को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें औद्योगिक इकाइयां, औद्योगिक कॉलोनियां, कचरा और सीवेज ट्रीटमेंट से जुड़ी गतिविधियां, आईटी पार्क तथा डाटा सेंटर शामिल हैं।
बड़े लॉजिस्टिक्स पार्क, कंटेनर डिपो, गैस प्रतिष्ठान, बूचड़खाने, टेनरी, खनन और डेयरी-पोल्ट्री गतिविधियों को भी व्यावसायिक जोन की प्रतिबंधित सूची में रखने का प्रस्ताव है।
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इंडस्ट्रियल जोन के लिए भी तय होंगे नियम
औद्योगिक क्षेत्रों में भी जमीन के इस्तेमाल को लेकर अलग सीमाएं प्रस्तावित की गई हैं। यहां आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनियों के साथ शिक्षण संस्थानों को प्रतिबंधित गतिविधियों में रखा गया है। कृषि, बागवानी और डेयरी-पोल्ट्री से जुड़ी गतिविधियों पर भी रोक का प्रस्ताव है।
परिवहन एवं संचार क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनियों के अलावा रेड कैटेगरी के उद्योग, रीसाइक्लिंग यूनिट, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और आईटी पार्क जैसी गतिविधियों को प्रतिबंधित करने की बात कही गई है।
पब्लिक और ओपन एरिया के लिए भी प्रस्तावित प्रतिबंध
सार्वजनिक-अर्द्धसार्वजनिक क्षेत्रों में बड़े गोदाम, लॉजिस्टिक्स पार्क, थोक कारोबार और ट्रांसपोर्ट नगर जैसी गतिविधियों को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा उद्योग, गैस प्रतिष्ठान, बूचड़खाने और कृषि-डेयरी गतिविधियां भी इस सूची में शामिल हैं।
पब्लिक यूटिलिटी जोन में होटल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, शिक्षण एवं स्वास्थ्य संस्थान, क्लब, बैंक्वेट हॉल, उद्योग, गैरेज, आईटी पार्क, डाटा सेंटर, गोदाम और लॉजिस्टिक्स पार्क समेत कई उपयोगों पर रोक प्रस्तावित है।
खुले क्षेत्र में पार्क, ग्रीन बेल्ट, जल निकाय और खेल गतिविधियों को छोड़कर अन्य कई तरह के उपयोग प्रतिबंधित किए जा सकते हैं। कृषि क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक कॉलोनियों, रेड कैटेगरी के उद्योगों तथा कुछ आईटी गतिविधियों, जिनमें डाटा सेंटर भी शामिल हैं, पर रोक का प्रस्ताव है।
प्राकृतिक संरक्षण वाले क्षेत्रों में विकास सीमित रहेगा
प्राकृतिक संरक्षण और विशेष क्षेत्रों में विकास योजना के तहत अनुमत गतिविधियों को छोड़कर अन्य प्रकार के भूमि उपयोग पर रोक प्रस्तावित की गई है। प्रस्ताव में जनहित को ध्यान में रखते हुए विभाग के निदेशक को सूची में शामिल नहीं की गई किसी अन्य गतिविधि पर भी रोक लगाने का अधिकार देने की बात कही गई है।
साथ ही सरकार को संबंधित कानून के तहत परिस्थितियों के अनुसार कुछ प्रतिबंधों में छूट देने का अधिकार दिए जाने का प्रस्ताव है।
अभी अंतिम नहीं हैं नए जोनिंग नियम
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये बदलाव अभी प्रस्तावित स्तर पर हैं। सार्वजनिक नोटिस के बाद प्राप्त आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद सरकार अंतिम नियमों पर निर्णय लेगी।
यदि प्रस्तावित व्यवस्था लागू होती है, तो हरियाणा के आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, कृषि और अन्य विकास क्षेत्रों में जमीन के इस्तेमाल को लेकर गतिविधियों की सीमाएं अधिक स्पष्ट हो सकती हैं। इससे शहरों और विकास क्षेत्रों में अलग-अलग भूमि उपयोग को नियंत्रित करने के लिए एक नई जोनिंग व्यवस्था लागू हो सकती है।

