हरियाणा में 150 स्कूलों के लिए ₹400 करोड़ जारी, कच्ची छत वाले पात्र परिवारों को ₹80 हजार की सहायता मिलेगी। जानें सरकार के नए ऐलान और योजनाएं।
हरियाणा सरकार ने प्रदेश में शिक्षा और जनकल्याण से जुड़े कई अहम ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य के 150 स्कूलों के भवनों का पुनर्निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से ₹400 करोड़ की राशि जारी की गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, आधुनिक और बेहतर स्कूल भवन विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।
इसके साथ ही कच्ची छत वाले मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों के लिए भी सरकार ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है। ऐसे परिवारों को घर की छत पक्की कराने के लिए ₹80,000 तक की मदद दी जाएगी। इसके लिए जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही गई है।
150 स्कूलों के भवनों का होगा पुनर्निर्माण
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा के 150 स्कूलों के भवनों को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। सरकार ने इस काम के लिए ₹400 करोड़ का बजट जारी किया है।
सरकार का कहना है कि स्कूलों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा। साथ ही शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
कच्ची छत वाले परिवारों को ₹80 हजार की सहायता
हरियाणा सरकार ने ऐसे पात्र परिवारों के लिए भी आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है, जो कच्ची छत वाले मकानों में रह रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, पात्र परिवारों को पक्की छत बनवाने के लिए ₹80,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इस योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से लिए जाएंगे। सरकार की ओर से जल्द ही विशेष पोर्टल शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है। आवेदन शुरू होने के बाद पात्र परिवार निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना आवेदन कर सकेंगे।
गांवों के विकास के लिए भी कई घोषणाएं
लाडवा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न गांवों के विकास के लिए कई घोषणाएं कीं।
बीर खेरी गांव में विकास कार्यों के लिए ₹21 लाख और ग्राम पुस्तकालय के लिए ₹2 लाख की पुस्तकों की घोषणा की गई। वहीं अंतेदी गांव में सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए ₹50 लाख देने की घोषणा की गई। इसके अलावा श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण का कार्य भी कराया जाएगा।
इसी तरह बरगत जतन और बरगत थालीपुर में विकास कार्यों के लिए ₹21 लाख, पुस्तकालयों के लिए ₹2 लाख और शिव मंदिर के लंगर हॉल के लिए ₹11 लाख की सहायता देने की घोषणा की गई।
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पंचायतों की मांगों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों की ओर से रखी गई मांगों को संबंधित विभागों के पास आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों से जुड़ी जरूरतों पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा सकेगी। कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की भी जानकारी दी गई।
18 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों को सोलर पैनल
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से जुड़ी योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ₹18 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को 2 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना है।
इस पहल का उद्देश्य घरों में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और परिवारों को बिजली की लागत कम करने में सहायता देना बताया गया।
मुफ्त डायलिसिस और आयुष्मान योजना की सुविधा
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि गुर्दे के मरीजों के लिए मुफ्त डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा आयुष्मान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ₹5 लाख तक के निशुल्क उपचार की सुविधा का लाभ मिल सकता है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत लगाए गए सहायता केंद्र
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन की ओर से सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए। सेवा संकल्प अभियान के तहत कालीरानो और सुल्तानपुर गांवों में अलग-अलग सरकारी विभागों ने स्टॉल लगाए। इन केंद्रों पर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए पात्र लोगों से आवेदन भी लिए गए।
इन योजनाओं की दी गई जानकारी
सहायता केंद्रों पर कई विभागों ने लोगों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इनमें प्रमुख रूप से:
- पीएम सूर्य घर योजना
- ग्रामीण आजीविका मिशन
- पशुपालन विभाग की योजनाएं
- समाज कल्याण विभाग
- महिला एवं बाल विकास योजनाएं
- परिवार पहचान पत्र से जुड़ी सेवाएं
- आयुष और स्वास्थ्य विभाग की योजनाएं
- पीएम मातृ वंदना योजना
- MSME से संबंधित योजनाएं
शामिल रहीं।
ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान पर जोर
कार्यक्रम में अधिकारियों और विभागीय प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं तथा विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उपायुक्त विश्राम कुमार मीना, पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

