पूर्णिया के किसान शशि भूषण सिंह ने 1 एकड़ में अगेती फूलगोभी की खेती की। जानें 70 हजार की लागत, 60 दिन में फसल और 1.5 लाख रुपये की संभावित कमाई के साथ खेती के जरूरी टिप्स।
बिहार के पूर्णिया जिले के रानीपतरा के किसान शशि भूषण सिंह अगेती फूलगोभी की खेती से अच्छी आमदनी हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने एक एकड़ जमीन पर 6286 वैरायटी की फूलगोभी लगाई है। किसान के मुताबिक, इस खेती में करीब 70 हजार रुपये का खर्च आया है और उन्हें लगभग 1.5 लाख रुपये तक की कमाई होने की उम्मीद है। अगेती फसल तैयार होने के कारण उन्हें बाजार में अच्छी कीमत मिलने का भी फायदा मिल रहा है।
किसान शशि भूषण सिंह हर साल अगस्त के अंतिम सप्ताह में अगेती फूलगोभी की खेती शुरू करते हैं। उनका कहना है कि सही समय पर पौध लगाने, खेत की तैयारी और खाद प्रबंधन पर ध्यान देने से कम समय में फसल तैयार की जा सकती है। हालांकि, अगेती खेती में मौसम और फसल की देखभाल का विशेष ध्यान रखना पड़ता है।
60 दिन में तैयार होने लगी फूलगोभी की फसल
शशि भूषण सिंह के अनुसार, उन्होंने इस बार एक एकड़ खेत में फूलगोभी की 6286 वैरायटी की खेती की है। लगभग 60 दिनों में फसल से उत्पादन मिलना शुरू हो गया है और वह रोजाना फूलगोभी बाजार में बेच रहे हैं।
किसान का कहना है कि उनकी फसल में एक फूल का वजन करीब 500 ग्राम या उससे अधिक हो रहा है। बाजार में उन्हें फूलगोभी की कीमत लगभग 60 रुपये प्रति किलो मिल रही है। इससे उन्हें बेहतर आमदनी की उम्मीद है।
उनके अनुमान के मुताबिक, एक एकड़ में फूलगोभी की खेती पर करीब 70,000 रुपये का खर्च आया है और कुल कमाई डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, वास्तविक मुनाफा बाजार भाव, कुल उत्पादन, परिवहन और अन्य खर्चों पर निर्भर करेगा।
अगेती फूलगोभी की खेती में गोबर की खाद का महत्व
किसान शशि भूषण सिंह के मुताबिक, अगेती फूलगोभी की अच्छी पैदावार के लिए खेत की तैयारी और जैविक खाद का इस्तेमाल महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपने खेत में लगभग चार टन सड़ी हुई गोबर की खाद डाली है।
अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद मिट्टी की संरचना सुधारने, नमी बनाए रखने और पौधों को पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद कर सकती है। इससे पौधों की बढ़वार और फूलों के विकास को लाभ मिल सकता है।
हालांकि, खाद की सही मात्रा मिट्टी की गुणवत्ता, खेत की उर्वरता और फसल की जरूरत के आधार पर तय करनी चाहिए। बेहतर परिणाम के लिए किसानों को मिट्टी की जांच कराकर पोषक तत्वों का संतुलित प्रबंधन करना चाहिए।
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अगेती खेती में इन बातों का रखें ध्यान
अगेती फूलगोभी की खेती में समय पर खेत तैयार करना, स्वस्थ पौधों का चयन और सिंचाई की सही व्यवस्था जरूरी है। किसानों को खेत में पानी जमा होने से बचाना चाहिए, क्योंकि अधिक नमी से जड़ों और पौधों में रोग लगने का खतरा बढ़ सकता है।
फसल की नियमित निगरानी करना भी जरूरी है। यदि पौधों पर कीट दिखाई दें, तो उनकी पहचान के बाद उचित नियंत्रण उपाय अपनाने चाहिए। किसान ने नीम के तेल के इस्तेमाल का सुझाव दिया है, लेकिन इसका प्रयोग उत्पाद के निर्देशों और कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार करना बेहतर है।
क्या अगेती फूलगोभी की खेती से ज्यादा कमाई हो सकती है?
अगेती फूलगोभी की खेती में बाजार में शुरुआती आवक कम होने पर किसानों को अच्छी कीमत मिलने की संभावना रहती है। पूर्णिया के किसान शशि भूषण सिंह का अनुभव बताता है कि सही समय पर खेती और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर बेहतर आमदनी की योजना बनाई जा सकती है।
फिर भी, खेती शुरू करने से पहले किसानों को बीज की गुणवत्ता, मौसम, खाद-पानी की व्यवस्था, कीट नियंत्रण और स्थानीय बाजार के भाव का आकलन करना चाहिए। इन पहलुओं पर ध्यान देने से लागत नियंत्रित रखने और फूलगोभी की खेती से बेहतर मुनाफा कमाने में मदद मिल सकती है।

