BIOAGRI 2026: हैदराबाद में जैविक और स्मार्ट कृषि पर मंथन, 20 से अधिक राज्यों के विशेषज्ञ, स्टार्टअप और वैज्ञानिक हुए शामिल।
टिकाऊ और तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से BIOAGRI 2026 का आयोजन हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में किया जा रहा है। दो दिवसीय इस सम्मेलन में वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप, उद्योग प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं और नियामक संस्थाओं से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
7 और 8 अक्टूबर को आयोजित हो रहे इस सम्मेलन का मुख्य विषय “बायोलॉजिकल इंटेलिजेंस एंड स्मार्ट एग्रीकल्चर” रखा गया है। कार्यक्रम में जैविक कृषि, मृदा स्वास्थ्य, आधुनिक तकनीक, कृषि नवाचार, निवेश, स्टार्टअप और जलवायु-अनुकूल खेती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है।
डॉ. जे.पी. सिंह ने किया BIOAGRI 2026 का उद्घाटन
BIOAGRI 2026 का उद्घाटन भारत सरकार के पूर्व पादप संरक्षण सलाहकार डॉ. जे.पी. सिंह ने किया। उन्होंने मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय कृषि में जैविक समाधानों की बढ़ती भूमिका पर विचार रखे।
उन्होंने कहा कि जैविक कृषि को अब केवल वैकल्पिक खेती के तौर पर नहीं देखा जा सकता। यह टिकाऊ कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही है। आने वाले समय में जैविक तकनीकों, वैज्ञानिक अनुसंधान और स्मार्ट कृषि उपकरणों को किसानों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ना आवश्यक होगा।
उन्होंने BIOAGRI जैसे आयोजनों को कृषि उद्योग, वैज्ञानिक समुदाय, स्टार्टअप और सरकार के बीच संवाद स्थापित करने का उपयोगी माध्यम बताया।
जैविक तकनीक और स्मार्ट खेती पर फोकस
इस वर्ष BIOAGRI का मुख्य फोकस जैविक विज्ञान और आधुनिक डिजिटल तकनीक के बीच तालमेल पर है। सम्मेलन में चर्चा की जा रही है कि जैविक उत्पादों और कृषि तकनीकों को स्मार्ट कृषि प्रणालियों के साथ जोड़कर खेती को अधिक उत्पादक और टिकाऊ कैसे बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने फसल स्वास्थ्य, मिट्टी की गुणवत्ता, जलवायु परिवर्तन, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और कृषि उत्पादकता जैसी चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक और जैविक तकनीकों की संभावनाओं पर चर्चा की।
60 से ज्यादा प्रदर्शकों ने पेश किए कृषि समाधान
सम्मेलन के साथ कृषि क्षेत्र से जुड़ी तकनीकों और उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इसमें 60 से अधिक प्रदर्शक और करीब 35 प्रदर्शनी स्टॉल शामिल हैं।
प्रदर्शनी में जैव उर्वरक, जैविक फसल सुरक्षा उत्पाद, बायोस्टिमुलेंट, फेरोमोन, डिजिटल कृषि समाधान और कृषि उपकरणों से जुड़ी तकनीकों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
इस मंच के जरिए किसानों, कृषि विशेषज्ञों, कंपनियों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप को नई तकनीकों को समझने तथा भविष्य की साझेदारियों की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिल रहा है।
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कृषि क्षेत्र में निवेश और कारोबार पर चर्चा
BIOAGRI 2026 के तकनीकी सत्रों में कृषि-जैविक क्षेत्र में निवेश और कारोबारी संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।
विशेषज्ञों ने वैश्विक बाजार, जलवायु परिवर्तन से जुड़े वित्तीय अवसर, कार्बन क्रेडिट, जैविक कृषि बाजार और पुनर्योजी कृषि जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।
इसके साथ ही जैविक विज्ञान के कृषि के अलावा दूसरे क्षेत्रों में इस्तेमाल की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इससे कृषि-जैविक क्षेत्र में नए बिजनेस मॉडल और निवेश के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
20 से अधिक राज्यों के प्रतिनिधि पहुंचे
BIOAGRI 2026 में देश के 20 से अधिक राज्यों से प्रतिभागियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, उद्योग विशेषज्ञों, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों की भागीदारी रही।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम को 100 से अधिक साझेदारियों और सहयोगों का समर्थन प्राप्त है। उद्घाटन कार्यक्रम में करीब 400 पंजीकृत प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जबकि पूरे आयोजन में 1,000 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी बताई गई है।
जैविक कृषि के लिए मजबूत हो रहा राष्ट्रीय नेटवर्क
BIOAGRI को भारत में जैविक कृषि उद्योग से जुड़े प्रमुख मंचों में शामिल किया जाता है। वर्ष 2026 का आयोजन पिछले वर्षों में आयोजित BIOAGRI सम्मेलनों की श्रृंखला को आगे बढ़ा रहा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग, वैज्ञानिक संस्थानों, स्टार्टअप और नीति-निर्माताओं के बीच सहयोग बढ़ाना तथा कृषि क्षेत्र में नए जैविक समाधानों को प्रोत्साहित करना है।
BIPA के साथ 100 से अधिक उद्योग सदस्य जुड़े होने की जानकारी दी गई है। संस्था जैविक कृषि में नवाचार, नियामकीय प्रक्रियाओं, उद्योग सहयोग और टिकाऊ कृषि समाधानों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करती है।
स्टार्टअप और रिसर्च को मिल रहा नया मंच
सम्मेलन में स्थापित कृषि कंपनियों के साथ-साथ नए स्टार्टअप और शोध संस्थानों की भागीदारी भी देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि क्षेत्र में नए समाधानों को खेत तक पहुंचाने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों, कंपनियों, स्टार्टअप और किसानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
BIOAGRI 2026 इसी सहयोग को बढ़ाने के लिए एक साझा मंच उपलब्ध करा रहा है, जहां नई तकनीकों, शोध और कारोबारी अवसरों पर सीधा संवाद हो रहा है।
टिकाऊ खेती के लिए जैविक समाधानों की बढ़ती जरूरत
जलवायु परिवर्तन, मिट्टी की घटती गुणवत्ता, पानी की उपलब्धता और कृषि लागत जैसी चुनौतियों के बीच टिकाऊ कृषि तकनीकों की जरूरत लगातार बढ़ रही है।
ऐसे में जैव उर्वरक, जैविक फसल सुरक्षा, बायोस्टिमुलेंट और अन्य जैविक समाधान कृषि के भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। BIOAGRI 2026 में इन तकनीकों को स्मार्ट कृषि और वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
हैदराबाद बना कृषि नवाचार का प्रमुख मंच
रामोजी फिल्म सिटी में आयोजित BIOAGRI 2026 ने हैदराबाद को कृषि तकनीक, जैविक नवाचार और उद्योग संवाद के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी सामने रखा है।
दो दिवसीय कार्यक्रम में तकनीकी चर्चाओं, विशेषज्ञ सत्रों, प्रदर्शनी, स्टार्टअप संवाद और नेटवर्किंग के जरिए भारतीय कृषि के भविष्य पर विचार किया जा रहा है।
BIOAGRI 2026 का व्यापक उद्देश्य जैविक विज्ञान, स्मार्ट तकनीक, निवेश और कृषि नवाचार को एक मंच पर लाकर ऐसी खेती की दिशा में आगे बढ़ना है, जो उत्पादक होने के साथ पर्यावरण के अनुकूल, टिकाऊ और जलवायु परिवर्तन के प्रति सक्षम हो।

