भारत विस्तार योजना 2026 क्या है? जानें किसानों को AI तकनीक, मंडी भाव, सरकारी योजनाओं, कृषि सलाह और 155261 टोल-फ्री नंबर से मिलने वाले फायदे।
देश में खेती को तकनीक से जोड़ने और किसानों तक जरूरी कृषि जानकारी आसानी से पहुंचाने के लिए सरकार की ओर से कई डिजिटल पहल की जा रही हैं। इसी दिशा में भारत विस्तार योजना (BVY) को किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर शुरू किया गया है। यह योजना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तकनीक की मदद से किसानों को खेती, सरकारी योजनाओं और बाजार से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
भारत विस्तार योजना के पहले चरण का राष्ट्रीय शुभारंभ 17 फरवरी 2026 को किया गया था। इसका उद्देश्य किसानों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ उनकी कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान आसान बनाना और उन्हें सरकारी सुविधाओं से जोड़ना है।
क्या है भारत विस्तार योजना?
भारत विस्तार योजना एक AI आधारित डिजिटल कृषि पहल है, जिसके जरिए किसानों को खेती से जुड़ी जरूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
इस योजना के माध्यम से किसान फसल, पशुपालन, सरकारी योजनाओं, मंडी भाव और कृषि संबंधी समस्याओं के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। इसका एक प्रमुख उद्देश्य किसानों को समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराकर उनकी उत्पादकता और आय बढ़ाने में मदद करना है।
किसानों के लिए कैसे काम करेगी BVY?
भारत विस्तार योजना की खासियत यह है कि किसान मोबाइल फोन के जरिए कृषि से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए सरकार की ओर से 155261 टोल-फ्री नंबर उपलब्ध कराया गया है।
किसान इस नंबर पर संपर्क करके अपनी कृषि संबंधी समस्या बता सकते हैं और उपलब्ध सेवा के माध्यम से समाधान या आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
स्थानीय भाषा में मिलेगी कृषि संबंधी जानकारी
किसानों के लिए किसी भी सरकारी डिजिटल सेवा को उपयोगी बनाने में भाषा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भारत विस्तार योजना में इसी बात का ध्यान रखा गया है।
शुरुआत में यह सेवा हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा इसे आगे चलकर 11 अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे अलग-अलग राज्यों के किसानों के लिए डिजिटल कृषि सेवाओं का इस्तेमाल आसान हो सकता है।
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घर बैठे जान सकेंगे मंडी भाव
भारत विस्तार योजना के जरिए किसानों को मंडी भाव से जुड़ी जानकारी हासिल करने की सुविधा भी उपलब्ध कराने का उद्देश्य है। किसान अपने कृषि उत्पादों के बाजार भाव की जानकारी लेकर बिक्री से जुड़े फैसले बेहतर तरीके से ले सकते हैं।
मंडी की कीमतों की जानकारी किसानों को यह समझने में मदद कर सकती है कि उनकी उपज को बाजार में किस स्तर पर भाव मिल रहा है।
सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी
BVY के जरिए किसानों को केंद्र सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है। शुरुआती चरण में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी सेवाओं को इससे जोड़ने की बात कही गई है। इसके अलावा आगे अन्य कृषि योजनाओं को भी चरणबद्ध तरीके से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शामिल किए जाने की योजना है।
किसान आईडी से जुड़ी होगी जानकारी
भारत विस्तार योजना के तहत किसान आईडी तैयार करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसमें किसान से जुड़ी जरूरी जानकारी को डिजिटल रूप में दर्ज किया जा सकेगा।
किसान आईडी के माध्यम से भविष्य में विभिन्न कृषि सेवाओं और योजनाओं तक किसानों की पहुंच को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है।
फसल और पशुपालन से जुड़ी सलाह
भारत विस्तार योजना सिर्फ फसलों की जानकारी तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से किसानों को फसल उत्पादन और पशुपालन से जुड़ी सलाह उपलब्ध कराने का भी प्रावधान बताया गया है।
किसान खेती में आने वाली समस्याओं, फसल प्रबंधन और पशुपालन से जुड़े सवालों के लिए डिजिटल माध्यम से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
शिकायत दर्ज कराने और ट्रैक करने की सुविधा
BVY के माध्यम से किसान अपनी समस्याओं या शिकायतों को दर्ज कराने और उनकी स्थिति पर नजर रखने जैसी सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेंगे। इससे किसानों और कृषि सेवाओं के बीच डिजिटल संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा कृषि वैज्ञानिकों की सलाह भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
भारत विस्तार योजना से किसानों को क्या फायदा होगा?
भारत विस्तार योजना के प्रमुख संभावित फायदे इस प्रकार हैं:
- AI आधारित कृषि जानकारी तक आसान पहुंच
- मोबाइल फोन से कृषि संबंधी सहायता
- मंडी भाव की जानकारी
- सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी
- फसल और पशुपालन से जुड़ी सलाह
- किसान शिकायत दर्ज करने और ट्रैक करने की सुविधा
- किसान आईडी के जरिए डिजिटल कृषि सेवाओं तक पहुंच
- स्थानीय भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराने की पहल
- कृषि वैज्ञानिकों से संबंधित सलाह तक पहुंच

