Bank Strike 2026: बैंक कर्मचारियों ने 5 दिन बैंकिंग व्यवस्था की मांग की। 28-30 सितंबर हड़ताल और 20 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।
Bank Strike 2026: बैंकिंग सेक्टर में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू करने समेत कई मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों का विरोध तेज हो गया है। देहरादून में शुक्रवार, 18 सितंबर को कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो 28 और 30 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी।
देहरादून में बैंक कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
बैंक कर्मचारी देहरादून के घंटाघर क्षेत्र के पास एश्ले हॉल स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बाहर एकत्र हुए। इस दौरान कर्मचारियों ने पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अभी तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी वजह से कर्मचारियों को विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था की मुख्य मांग
प्रदर्शन कर रहे बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंक खोलने की व्यवस्था लागू करना है। कर्मचारियों का तर्क है कि बैंकिंग सेवाओं में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों पर काम का दबाव कम नहीं हुआ है।
उनका कहना है कि छुट्टियों के दौरान भी बैंकिंग से जुड़े कई कार्य और जिम्मेदारियां जारी रहती हैं। ऐसे में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था से कर्मचारियों के वर्क-लाइफ बैलेंस में सुधार हो सकता है।
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LIC और NABARD का दिया उदाहरण
बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांग के समर्थन में एलआईसी और नाबार्ड समेत कुछ अन्य संस्थानों का उदाहरण दिया। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू है, जबकि बैंकिंग सेक्टर में यह मांग अभी भी लंबित है। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने पर सरकार को जल्द फैसला लेना चाहिए।
28 और 30 सितंबर को हड़ताल की चेतावनी
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन के संयोजक इंदर रावत ने कहा कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 28 और 30 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल की जाएगी।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इसके बाद भी मांगों पर कोई समाधान नहीं निकला तो कर्मचारी 20 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने पर विचार करेंगे।
बातचीत के जरिए समाधान की उम्मीद
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि आंदोलन उनकी पहली प्राथमिकता नहीं है। संगठन की कोशिश है कि सरकार के साथ बातचीत के जरिए लंबित मुद्दों का समाधान निकले।
इंदर रावत के अनुसार, कर्मचारी हड़ताल से पहले यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि बैंकिंग सेवाओं पर कम से कम असर पड़े। उनका कहना है कि कर्मचारियों की मांग किसी विशेष आर्थिक लाभ से ज्यादा बेहतर कार्य व्यवस्था और संतुलित जीवन से जुड़ी है।
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
बैंक कर्मचारियों ने सरकार से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के साथ अन्य लंबित मुद्दों पर भी जल्द निर्णय लेने की मांग की है।
कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों को स्वीकार करती है और समाधान की दिशा में कदम उठाती है, तो आंदोलन को समाप्त कर कर्मचारी नियमित काम पर लौटने के लिए तैयार हैं।
Bank Strike 2026: आगे क्या होगा?
फिलहाल बैंक कर्मचारियों और सरकार के बीच बातचीत से समाधान निकलने की उम्मीद बनी हुई है। अगर मांगों पर सहमति नहीं बनती है, तो 28 और 30 सितंबर की प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल के साथ 20 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी बैंकिंग सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम हो सकती है।

