जबलपुर के युवा किसान तन्मय दास के समन्वित कृषि मॉडल की अमित शाह ने सराहना की। तन्मय जैविक खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य और बत्तख पालन कर रहे हैं।
भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन के दौरान जबलपुर के युवा किसान तन्मय दास का समन्वित कृषि मॉडल चर्चा का केंद्र रहा। किसान कल्याण वर्ष 2026 की थीम पर आयोजित विकास प्रदर्शनी में तन्मय ने अपने इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल को प्रदर्शित किया, जिसे सम्मेलन में काफी सराहना मिली।
राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने जबलपुर के युवा कृषक तन्मय दास द्वारा प्रस्तुत समन्वित कृषि के मॉडल को भी देखा और खेती में किए जा रहे इस नवाचार की प्रशंसा की।
खेती के साथ कई गतिविधियों को जोड़ा
जबलपुर के विजयनगर निवासी 21 वर्षीय तन्मय दास पिछले करीब तीन वर्षों से पाटन विकासखंड के लम्हेटा गांव में समन्वित कृषि पद्धति पर काम कर रहे हैं। उनके पास लगभग साढ़े तीन एकड़ कृषि भूमि है, जहां वे जैविक तरीके से गेहूं और धान की खेती करते हैं।
तन्मय ने केवल फसल उत्पादन तक अपनी कृषि गतिविधियों को सीमित नहीं रखा है। उन्होंने खेती के साथ पशुपालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन और बत्तख पालन को भी जोड़ा है। इस तरह अलग-अलग कृषि गतिविधियों को एक-दूसरे से जोड़कर उन्होंने इंटीग्रेटेड फार्मिंग का मॉडल तैयार किया है।
युवा किसान ने पढ़ाई के साथ चुनी आधुनिक खेती
तन्मय दास की खासियत यह भी है कि उन्होंने कृषि के क्षेत्र में काम करने के साथ अपनी उच्च शिक्षा भी पूरी की। उन्होंने इसी वर्ष जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद भी तन्मय ने खेती को अपने करियर के रूप में आगे बढ़ाने का फैसला किया। वे जैविक खेती के साथ पशुपालन और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को जोड़कर एक ऐसा मॉडल विकसित कर रहे हैं, जिसमें एक ही कृषि इकाई से कई स्रोतों से उत्पादन और आय प्राप्त की जा सके।
इंटीग्रेटेड फार्मिंग बना प्रदर्शनी का आकर्षण
राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में आयोजित विकास प्रदर्शनी में तन्मय दास का समन्वित कृषि मॉडल लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। उनके मॉडल में खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को एक साथ जोड़कर कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाने का प्रयास दिखाई दिया।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा इस मॉडल की सराहना युवा किसानों के लिए प्रोत्साहन के रूप में देखी जा रही है। तन्मय का उदाहरण यह भी दर्शाता है कि आधुनिक सोच, तकनीकी शिक्षा और कृषि गतिविधियों के बेहतर समन्वय से खेती को आय के विविध स्रोतों से जोड़ा जा सकता है।

