शिवराज सिंह चौहान ने महिला किसान दिवस पर खेती करने वाली महिलाओं को किसान की पहचान दिलाने, ग्रामीण महिलाओं को ऋण व प्रशिक्षण देने और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिला किसानों को औपचारिक पहचान दिलाने और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास करने की बात कही है। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सांची में महिला किसान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि खेती में वास्तविक योगदान देने वाली महिलाओं को भी किसान के रूप में पहचान और सम्मान मिलना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कृषि, पशुपालन और ग्रामीण उद्यमिता में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही रायसेन और विदिशा जिलों में ग्रामीण परिवारों को आजीविका के साधनों से जोड़ने के लिए पायलट अभियान शुरू करने की जानकारी दी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 ग्रामीण सड़कों के भूमिपूजन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया।
महिला किसानों को पहचान दिलाने के लिए उठाए जाएंगे कदम
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय कृषि व्यवस्था में महिलाओं का योगदान बेहद व्यापक है। वे खेतों में बुवाई, निराई और कटाई जैसे कार्यों के अलावा पशुपालन, दूध उत्पादन, चारे की व्यवस्था और पशुओं की देखभाल में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती हैं।
इसके बावजूद कई महिलाओं को आधिकारिक तौर पर किसान के रूप में पहचान नहीं मिल पाती। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसान की पहचान केवल जमीन के मालिकाना हक से तय नहीं होनी चाहिए, बल्कि खेती और कृषि संबंधी कार्यों में व्यक्ति के वास्तविक योगदान को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि कृषि मंत्री के तौर पर वे इस मुद्दे को उचित मंचों पर उठाएंगे और खेती करने वाली महिलाओं को उनकी मेहनत के अनुरूप पहचान दिलाने के लिए प्रयास करेंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कृषि का दायरा केवल अनाज उगाने तक सीमित नहीं है। फल-सब्जियों की खेती, औषधीय पौधों का उत्पादन, मछली पालन, मुर्गी पालन और पशुपालन भी कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियां हैं। इन क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद करती है।
रायसेन और विदिशा में हर परिवार को आजीविका से जोड़ने की योजना
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि रायसेन और विदिशा जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक विशेष अभियान शुरू करने की योजना है। इसका उद्देश्य प्रत्येक गांव के हर परिवार को कम से कम एक आजीविका के साधन से जोड़ना है, ताकि ग्रामीण परिवारों को नियमित आय के अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि गरीबी दूर करने के लिए केवल आर्थिक सहायता देना पर्याप्त नहीं है। परिवारों को ऐसे रोजगार और व्यवसायों से जोड़ना भी जरूरी है, जिनसे उनकी आय लंबे समय तक बनी रहे।
इस पहल के अंतर्गत कृषि उत्पादन के साथ कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, पशुपालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन और छोटे कारोबार को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जाएगा। महिला किसानों को भी इन गतिविधियों में भाग लेने और अपनी आमदनी बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
महिला किसान खेती के साथ शुरू कर सकती हैं छोटे उद्योग
शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण महिलाओं को कृषि आधारित कारोबार की संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं पारंपरिक कृषि गतिविधियों के साथ छोटे उद्योग स्थापित करके भी अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं।
उन्होंने बड़ी, पापड़ और अचार बनाने जैसे घरेलू व्यवसायों के अलावा बकरी पालन, मुर्गी पालन और पशुपालन को भी आय बढ़ाने के उपयोगी विकल्प बताया।
केंद्रीय मंत्री ने कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण से जुड़े कारोबार के उदाहरण देते हुए कहा कि दलहन उत्पादक क्षेत्रों में छोटी दाल मिलें स्थापित की जा सकती हैं। इसी तरह तेल उत्पादन और टमाटर से केचप बनाने जैसे व्यवसायों के माध्यम से स्थानीय कृषि उपज का बेहतर उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को ऐसे कारोबार शुरू करने के लिए प्रशिक्षण, मशीनों और तकनीकी मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे किसान परिवार अपनी उपज का मूल्य बढ़ा सकेंगे और कृषि आधारित उद्यमों से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।
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महिला उद्यमियों को ऋण और तकनीकी सहायता देने पर जोर
ग्रामीण महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं को कारोबार शुरू करने और उसका विस्तार करने के लिए ऋण, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन तथा जरूरी दस्तावेज और लाइसेंस प्राप्त करने में सहयोग मिलना चाहिए।
उन्होंने कम या बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने के प्रयासों पर भी जोर दिया, जिससे पूंजी की कमी के कारण महिलाओं के व्यवसाय शुरू करने में आने वाली बाधाओं को कम किया जा सके।
उनके मुताबिक, महिला-केंद्रित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ने के साथ उनके परिवारों की आय और जीवन स्तर में भी सुधार संभव है।
महिला किसान मंच से महिलाओं को मिलेगा सीखने का अवसर
केंद्रीय मंत्री ने महिला किसान मंच की पहल का समर्थन करते हुए कहा कि महिलाओं को ऐसा साझा मंच मिलना चाहिए, जहां वे अपने अनुभवों का आदान-प्रदान कर सकें और एक-दूसरे की सफलताओं से सीख सकें।
इस मंच के जरिए महिला किसानों को अपनी समस्याएं सामने रखने, नए अवसरों की जानकारी हासिल करने और सामूहिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए पुरुषों की भागीदारी भी आवश्यक है।
उन्होंने आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के साथ महिलाओं की शिक्षा, राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उनके अनुसार, महिलाओं को उचित अवसर और सहयोग मिलने से वे परिवार, समाज और देश के विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 सड़कों का भूमिपूजन
सांची में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 ग्रामीण सड़कों के भूमिपूजन कार्यक्रम में भाग लिया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कों के निर्माण से गांवों में आवागमन बेहतर होगा। इससे ग्रामीणों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने, कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
केंद्रीय मंत्री ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि विकास कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सड़क परियोजनाओं से जुड़े शिलान्यास के पत्थर संबंधित गांवों में लगाए जाएं। साथ ही, निर्माण कार्य शुरू होने के अवसर पर गांवों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
सांची में गरीब परिवारों को पक्के मकान दिलाने पर जोर
ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सांची विधानसभा क्षेत्र में आवास योजनाओं के तहत स्वीकृत मकानों के आंकड़े भी साझा किए।
उनके अनुसार, वर्ष 2025-26 में क्षेत्र के लिए 3,081 और वर्ष 2024-25 में 5,035 मकान स्वीकृत किए गए। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 218 तथा धरती आबा योजना के तहत 246 मकानों को मंजूरी दी गई।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि हाल में किए गए सर्वेक्षण में सांची विधानसभा क्षेत्र में 22,477 अतिरिक्त मकानों की जरूरत सामने आई है।
उन्होंने कहा कि जिन पात्र परिवारों के पास अभी भी कच्चे मकान हैं और जिनका सर्वे पूरा हो चुका है, उन्हें पक्के घर बनाने के लिए सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इसका उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ना है।
महिला किसानों के सशक्तिकरण से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
महिला किसान दिवस के अवसर पर दिए गए संदेश में महिला किसानों को पहचान दिलाने, ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और कृषि आधारित छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया।
यदि महिलाओं को खेती के साथ वित्तीय सहायता, आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार तक बेहतर पहुंच मिलती है, तो वे कृषि उत्पादन और ग्रामीण उद्यमिता दोनों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। रायसेन और विदिशा में प्रस्तावित आजीविका अभियान तथा ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास जैसी पहलें भी गांवों में आर्थिक अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से जुड़ी हैं।
महिला किसानों की मेहनत को औपचारिक पहचान देना और उन्हें उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

