मुरैना में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 6,266 किसानों ने पंजीयन कराया। जानें बाजरा, धान और ज्वार के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की पूरी जानकारी।
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मुरैना जिले में फसलों के पंजीयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जिले में कुल 6,266 किसानों ने 14,634.83 हेक्टेयर कृषि भूमि में उत्पादित खरीफ फसलों का पंजीयन कराया है। किसानों का पंजीयन जिले में बनाए गए 44 केंद्रों के माध्यम से किया गया। इससे पंजीकृत किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा।
मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार खरीफ फसलों के पंजीयन की प्रक्रिया 10 अक्टूबर 2026 तक संचालित की गई। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देश पर जिले में पंजीयन कार्य संपन्न कराया गया।
बाजरा पंजीयन में सबसे आगे रहे किसान
जिला खाद्य अधिकारी उमेश शर्मा के अनुसार, मुरैना जिले में बाजरा की फसल के लिए सबसे अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। धान और ज्वार के लिए भी किसानों ने अपना पंजीकरण कराया।
फसलवार पंजीयन का विवरण इस प्रकार है:
- बाजरा: 6,220 किसानों ने पंजीयन कराया।
- धान: 324 किसानों ने पंजीयन कराया।
- ज्वार: 46 किसानों ने पंजीयन कराया।
जिले में कुल 6,266 किसानों ने इन खरीफ फसलों के लिए पंजीयन कराया है। पंजीकृत रकबे का कुल क्षेत्रफल 14,634.83 हेक्टेयर दर्ज किया गया है।
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खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए MSP तय
सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए बाजरा, धान और ज्वार के न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किए हैं। इन दरों के आधार पर पात्र किसान निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी उपज बेच सकेंगे।
फसलवार न्यूनतम समर्थन मूल्य इस प्रकार है:
- बाजरा: 2,900 रुपये प्रति क्विंटल
- धान: 2,441 रुपये प्रति क्विंटल
- ज्वार: 4,023 रुपये प्रति क्विंटल
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) किसानों को उनकी उपज का निर्धारित मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तय किया जाता है। इससे किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था के तहत अपनी फसल बेचने का अवसर मिलता है।
पंजीकृत किसानों के लिए जरूरी जानकारी
मुरैना जिले में खरीफ फसलों के पंजीयन की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है। जिन किसानों ने पंजीयन कराया है, उन्हें अपनी पंजीयन संबंधी जानकारी और आगे की खरीद प्रक्रिया के बारे में संबंधित विभाग से जानकारी लेते रहना चाहिए।
सरकारी खरीद से जुड़े नियमों, उपज की पात्रता, खरीद केंद्रों और निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी के लिए किसान स्थानीय कृषि या खाद्य विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
मुरैना में खरीफ फसलों के पंजीयन के आंकड़े बताते हैं कि बाजरा जिले की प्रमुख पंजीकृत फसलों में शामिल है। अब किसानों की नजर सरकारी खरीद व्यवस्था और निर्धारित MSP पर उपज बेचने की प्रक्रिया पर रहेगी।

