छत्तीसगढ़ के किसान मनोज कुमार को किसान समृद्धि योजना से 43 हजार रुपये की सहायता मिली। नलकूप और पंप से सिंचाई सुविधा बढ़ी और धान-सब्जी की खेती के अवसर मिले।
छत्तीसगढ़ सरकार की किसान समृद्धि योजना किसानों के लिए खेती को बेहतर बनाने और आजीविका मजबूत करने में मददगार साबित हो रही है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम कोरवा निवासी किसान मनोज कुमार छेदैया इसकी एक मिसाल हैं। उन्हें कृषि विभाग की योजना के तहत नलकूप खनन और पंप स्थापना के लिए 43 हजार रुपये की अनुदान सहायता मिली। इससे उनके खेत में सिंचाई की सुविधा विकसित हुई और फसल उत्पादन बढ़ाने के नए अवसर खुले हैं।
सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में किसान समृद्धि योजना से मिली सहायता ने मनोज कुमार की खेती में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब वे पानी की उपलब्धता के अनुसार फसलों की सिंचाई कर पा रहे हैं और अपनी कृषि भूमि का पहले से बेहतर उपयोग कर रहे हैं।
किसान समृद्धि योजना से खेतों तक पहुंचा पानी
मनोज कुमार छेदैया को पहले सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण खेती में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। बारिश पर निर्भरता अधिक होने से फसलों को जरूरत के समय पानी देना मुश्किल होता था। इसका असर उत्पादन और खेती से होने वाली आमदनी पर भी पड़ता था।
कृषि विभाग की किसान समृद्धि योजना के तहत 43 हजार रुपये की सहायता मिलने के बाद उन्होंने अपने खेत में नलकूप खनन कराया और सिंचाई पंप स्थापित किया। इससे खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था तैयार हुई और सिंचाई के लिए केवल बारिश पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो गई।
अब वे फसलों की जरूरत के अनुसार समय पर पानी दे सकते हैं। इससे खेती के प्रबंधन में सुधार हुआ है और बेहतर उत्पादन हासिल करने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
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धान के साथ सब्जियों की खेती से बढ़े आय के विकल्प
सिंचाई की सुविधा मिलने के बाद मनोज कुमार की कृषि गतिविधियों में बदलाव आया है। पहले पानी की कमी के कारण खेती का दायरा सीमित रहता था, लेकिन अब वे धान के साथ सब्जियों और अन्य फसलों की खेती भी कर पा रहे हैं।
पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से फसलों की बढ़वार और उत्पादन में सुधार करने में मदद मिल रही है। साथ ही, अलग-अलग फसलों की खेती से आमदनी के नए अवसर भी बन रहे हैं।
मनोज कुमार के पास चार एकड़ कृषि भूमि है। सिंचाई के साधन विकसित होने के बाद वे इस जमीन का अधिक प्रभावी तरीके से उपयोग कर रहे हैं। इससे परिवार की आजीविका को मजबूत बनाने और कृषि से होने वाली आय में सुधार की संभावनाएं बढ़ी हैं।
सरकारी अनुदान से खेती हुई आसान
मनोज कुमार छेदैया के अनुसार, सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने से पहले खेती करना चुनौतीपूर्ण था। पानी की कमी के कारण फसलों को समय पर सिंचाई नहीं मिल पाती थी और अतिरिक्त फसल लेने की संभावनाएं भी कम थीं।
किसान समृद्धि योजना के तहत मिली सहायता से नलकूप और पंप की व्यवस्था होने के बाद इन समस्याओं को काफी हद तक दूर करने में मदद मिली है। अब वे फसलों की आवश्यकता के अनुसार सिंचाई कर सकते हैं और खेती की गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित कर पा रहे हैं।
उन्होंने योजना से प्राप्त सहायता के लिए शासन-प्रशासन और कृषि विभाग के प्रति आभार जताया।
किसानों के लिए सिंचाई सुविधा क्यों है जरूरी?
खेती में सिंचाई की उपलब्धता फसल उत्पादन और कृषि प्रबंधन को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण कारक है। समय पर पानी मिलने से किसान फसलों की जरूरतों के अनुसार सिंचाई कर सकते हैं। इसके अलावा, पर्याप्त जल सुविधा होने पर दूसरी फसलों को अपनाने और कृषि भूमि का बेहतर उपयोग करने के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
मनोज कुमार का अनुभव बताता है कि सिंचाई के साधनों के विकास के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता किसानों की खेती में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक हो सकती है।

