दिल्ली सरकार की मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना में युवा खिलाड़ियों को हर महीने ₹2,000 की सहायता मिलेगी। जानें पात्रता, 80% उपस्थिति और चयन की पूरी जानकारी।
दिल्ली सरकार ने उभरते हुए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना (MKPY) के तहत नई सहायता व्यवस्था को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत सरकारी खेल केंद्रों और स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण लेने वाले पात्र युवा खिलाड़ियों को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
यह सहायता मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना के ‘ग्रासरूट ट्रेनिंग सपोर्ट असिस्टेंस’ घटक के तहत प्रदान की जाएगी। योजना का उद्देश्य शुरुआती स्तर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण जारी रखने के लिए जरूरी आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
अंडर-14 से अंडर-21 तक के खिलाड़ियों को मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था में चार आयु वर्गों के खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इनमें:
- अंडर-14
- अंडर-17
- अंडर-19
- अंडर-21
शामिल हैं। पात्र खिलाड़ियों को दिल्ली सरकार के संबंधित खेल केंद्र या स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण लेना आवश्यक होगा।
सरकार के मुताबिक शुरुआती दौर में खिलाड़ियों को आने-जाने, पोषण, छोटे खेल उपकरण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर खर्च करना पड़ता है। मासिक आर्थिक सहायता मिलने से इन खर्चों का कुछ बोझ कम होगा और खिलाड़ी अपने अभ्यास पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
एक केंद्र में अधिकतम 25% खिलाड़ियों को सहायता
योजना के तहत किसी सरकारी स्पोर्ट्स सेंटर या स्टेडियम में नियमित रूप से प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों में से अधिकतम 25 प्रतिशत पात्र खिलाड़ियों को सहायता प्रदान की जाएगी।
सामान्य तौर पर किसी एक केंद्र या स्टेडियम से अधिकतम 100 खिलाड़ी योजना के दायरे में रहेंगे। वहीं, बड़े स्टेडियमों में जहां प्रशिक्षुओं की संख्या ज्यादा है, बजट उपलब्धता के आधार पर यह संख्या बढ़ाकर 150 खिलाड़ियों तक की जा सकती है।
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80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य
सिर्फ नामांकन के आधार पर खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी। योजना का लाभ लेने के लिए नियमित प्रशिक्षण और निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा।
पात्र खिलाड़ियों के लिए कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है। इसके अलावा चयन के दौरान खिलाड़ी की आर्थिक जरूरत, खेल प्रदर्शन, भविष्य की संभावनाएं और अनुशासन जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाएगा।
हर तीन महीने में होगी खिलाड़ियों की समीक्षा
योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों के प्रदर्शन की लगातार निगरानी की जाएगी। उनकी उपस्थिति, खेल प्रदर्शन और अनुशासन की त्रैमासिक समीक्षा की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सहायता वास्तव में उन खिलाड़ियों तक पहुंचे, जो नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रहे हैं और खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की क्षमता रखते हैं।
एलीट खिलाड़ियों को सालाना ₹20 लाख तक सहायता
दिल्ली सरकार की खेल सहायता व्यवस्था में केवल शुरुआती स्तर के खिलाड़ियों को ही मदद नहीं दी जाती, बल्कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए भी अलग प्रावधान हैं।
ट्रेनिंग सपोर्ट मॉड्यूल के तहत स्कूल स्तर के शीर्ष रैंक वाले खिलाड़ियों को कोचिंग, खेल उपकरण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी, पोषण और प्रशिक्षण से जुड़ी जरूरतों के लिए 5 लाख रुपये तक सालाना सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
वहीं, दिल्ली और भारत का उच्च स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले एलीट खिलाड़ियों को 20 लाख रुपये तक प्रतिवर्ष सहायता मिलने का प्रावधान है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी आर्थिक मदद
‘पार्टिसिपेशन सपोर्ट’ के तहत मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले पात्र खिलाड़ियों के संबंधित खर्च की प्रतिपूर्ति भी की जाती है। इसके अंतर्गत प्रति खिलाड़ी 2 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।
दिल्ली सरकार का मानना है कि शुरुआती स्तर पर आर्थिक सहयोग मिलने से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के प्रशिक्षण छोड़ने की संभावना कम होगी। साथ ही सरकारी खेल केंद्रों और स्टेडियमों को जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तैयार करने के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

