सेंसेक्स 957 अंक टूटकर 72,938 पर पहुंचा और निफ्टी भी फिसला। क्रूड में तेजी व विदेशी बिकवाली से निवेशकों को 5 लाख करोड़ का झटका।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर संकेत और वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता का असर घरेलू बाजार पर दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 958 अंक तक फिसल गया, जबकि निफ्टी में भी करीब 300 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में आई इस तेज गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति में शुरुआती कारोबार के दौरान 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार के माहौल को प्रभावित किया।
सेंसेक्स 957 अंक से ज्यादा लुढ़का
सोमवार को कारोबार शुरू होने के कुछ समय बाद BSE Sensex 957.59 अंक गिरकर 72,938.15 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह NSE Nifty 299.20 अंक की गिरावट के साथ 22,841.30 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
सेंसेक्स में शामिल सभी 30 कंपनियों के शेयर शुरुआती कारोबार में लाल निशान में रहे। बाजार में व्यापक बिकवाली के चलते बैंकिंग, वित्तीय और अन्य प्रमुख सेक्टर के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा कमजोरी
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक और बजाज फिनसर्व के शेयरों में दबाव देखा गया।
इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, महिंद्रा एंड महिंद्रा, लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली के कारण कई प्रमुख शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।
निवेशकों की संपत्ति में 5 लाख करोड़ से ज्यादा की कमी
शेयर बाजार में आई तेज गिरावट का सीधा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। शुरुआती कारोबार के दौरान बाजार पूंजीकरण में भारी कमी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की संपत्ति में 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई।
बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान निवेशकों की कुल संपत्ति में बदलाव शेयरों के बाजार मूल्य में होने वाली गतिविधियों से जुड़ा होता है।
also read: Gold Price Today: सप्ताह की शुरुआत में सस्ता हुआ सोना, दिल्ली-मुंबई…
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारणों में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भी शामिल रही। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 2.27 प्रतिशत बढ़कर 106.7 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक कारक है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई, आयात लागत और व्यापार संतुलन से जुड़े दबावों को लेकर बाजार में चिंता बढ़ सकती है।
एशियाई बाजारों से भी मिले कमजोर संकेत
घरेलू बाजार में गिरावट के बीच एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजारों में भी कमजोरी देखी गई। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225 और चीन का SSE Composite गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
हालांकि, हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर, अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
इस तरह वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी रही।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने शुक्रवार को भारतीय बाजार में 3,693.93 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी।
विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री बाजार की दिशा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल रहती है। ऐसे में विदेशी पूंजी की निकासी के बीच घरेलू बाजार पर दबाव बढ़ता दिखाई दिया।
पिछले कारोबारी सत्र में बाजार बढ़त पर हुआ था बंद
गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 315.20 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में 77.40 अंक की मजबूती दर्ज की गई थी।
हालांकि, सप्ताह की शुरुआत में वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार का रुख बदल गया और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स तथा निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज हुई।
बाजार की आगे की दिशा पर रहेगी नजर
अब निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के रुख, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर रहेगी। इन कारकों में बदलाव का असर आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की चाल पर पड़ सकता है।

