दिल्ली में डीटीसी बस चालकों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी है। वेतन, मेडिकल सुविधा और ओवरटाइम भुगतान की मांग को लेकर यात्रियों को परेशानी हो रही है।
दिल्ली में डीटीसी बस चालकों की हड़ताल शुक्रवार, 18 सितंबर को चौथे दिन भी जारी है। बस सेवाएं प्रभावित होने से राजधानी के कई इलाकों में यात्रियों को लंबे समय तक बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को मेट्रो, ऑटो, ई-रिक्शा और कैब जैसे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
हड़ताल का मुख्य मुद्दा संविदा चालकों का वेतन और सुविधाएं हैं। डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन की ओर से दैनिक भुगतान बढ़ाकर 2,000 रुपये करने, मेडिकल सुविधा, सरकारी छुट्टियों का भुगतान, बोनस और सामाजिक सुरक्षा जैसे लाभों की मांग की जा रही है। यूनियन के अनुसार, वर्तमान दैनिक भुगतान करीब 862 रुपये है।
क्यों हड़ताल पर हैं डीटीसी बस चालक?
प्रदर्शनकारी चालकों का कहना है कि मौजूदा भुगतान उनकी जिम्मेदारियों और काम की परिस्थितियों के मुकाबले पर्याप्त नहीं है। यूनियन ने दैनिक वेतन बढ़ाने के साथ मेडिकल कवर, बोनस, छुट्टियों का भुगतान और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं की मांग रखी है। यूनियन के मुताबिक महंगाई भत्ते में करीब डेढ़ साल से संशोधन नहीं हुआ है और मूल वेतन में अगली बढ़ोतरी भी लंबित है।
2,000 रुपये दैनिक वेतन की मांग
DTC कर्मचारी एकता यूनियन की प्रमुख मांग है कि चालकों और परिचालकों को समान काम के लिए कम से कम 2,000 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाए। इसके अलावा सरकारी छुट्टियों का भुगतान, वार्षिक बोनस, मेडिकल सुविधा और सामाजिक सुरक्षा लाभ देने की मांग भी शामिल है।
परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा है कि चालकों की शिकायतों को दूर करने के लिए संबंधित पक्षों से बातचीत की जा रही है। सरकार की ओर से मेडिकल बीमा और अन्य मांगों पर भी चर्चा होने की जानकारी दी गई है, जबकि वेतन बढ़ोतरी से जुड़ा प्रस्ताव श्रम विभाग के पास भेजे जाने की बात कही गई है।
दिल्ली में बसों की कमी से यात्रियों की मुश्किल बढ़ी
हड़ताल के कारण दिल्ली के कई बस डिपो से बड़ी संख्या में बसें सड़कों पर नहीं निकल रही हैं। इससे बस स्टॉप पर यात्रियों की कतारें बढ़ी हैं और कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए महंगे विकल्प अपनाने पड़ रहे हैं।
कई यात्रियों ने बताया कि बसों के इंतजार में उन्हें काफी समय बिताना पड़ा। वहीं ऑटो, ई-रिक्शा और ऐप आधारित कैब का किराया सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा महसूस होने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
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मेट्रो ने बढ़ाई सेवाएं
बसों की कमी का दबाव दिल्ली मेट्रो पर भी पड़ा है। यात्रियों की अतिरिक्त संख्या को देखते हुए DMRC ने अतिरिक्त ट्रेनें चलाने और जरूरत के अनुसार फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की व्यवस्था की है।
किन इलाकों में ज्यादा असर?
हड़ताल में रानी खेड़ा, राजघाट, नेहरू प्लेस, बुराड़ी, वजीरपुर, घुमनहेड़ा और सरिता विहार समेत कई डिपो के कर्मचारी शामिल बताए गए हैं। इन इलाकों से बस सेवाएं प्रभावित होने के कारण आसपास के यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए भी असर
बस सेवाओं में व्यवधान का असर दिल्ली एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ा है। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी है, क्योंकि बस कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है। टर्मिनलों के बीच आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जारी रहने की जानकारी दी गई है।
सरकार और यूनियन के बीच क्या स्थिति है?
परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने चालकों से काम पर लौटने की अपील की है और कहा है कि उनकी जायज मांगों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं यूनियन का कहना है कि जब तक वेतन और दूसरी मांगों पर ठोस समाधान नहीं मिलता, प्रदर्शन जारी रहेगा।
फिलहाल दिल्ली में DTC बस सेवाएं पूरी तरह सामान्य नहीं हुई हैं। हड़ताल खत्म होने और बसों के नियमित संचालन को लेकर अंतिम स्थिति बातचीत और सरकार की ओर से लिए जाने वाले फैसलों पर निर्भर करेगी।

