विश्व पर्यावरण दिवस पर पीयूष गोयल ने वृक्षारोपण किया और कहा कि PM मोदी की ‘एक पेड़ मां के नाम’ मुहिम ने पर्यावरण संरक्षण के साथ भारत की वैश्विक पहचान मजबूत की है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने संसदीय क्षेत्र में वृक्षारोपण अभियान में भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान ने न केवल देश में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाई है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सकारात्मक छवि को भी मजबूत किया है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिला व्यापक समर्थन
मीडिया से बातचीत के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की है। यह पहल लोगों को प्रकृति और परिवार दोनों से जोड़ने का संदेश देती है।
उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर तिरुपति बालाजी मंदिर में दर्शन करने के बाद उन्होंने अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाया। इसके बाद अपने निर्वाचन क्षेत्र में भी वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल होकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की पहल
गोयल ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
सूरत से PM मोदी ने दी हजारों करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सूरत से विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सरकारी जानकारी के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार की कुल 24 परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया गया, जिनकी कुल लागत लगभग 18,778 करोड़ रुपये है।
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इन परियोजनाओं में सड़क, ऊर्जा, औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को गति देना और सतत विकास को बढ़ावा देना है।
PM मोदी ने सूरत की स्वच्छता और हरित पहल की सराहना की
सूरत में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने शहर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सूरत आज देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल है और स्वच्छता के क्षेत्र में अन्य शहरों के लिए प्रेरणा बन चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता और हरित विकास को जीवनशैली का हिस्सा बनाना समय की आवश्यकता है। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण भी होगा।
विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ
प्रधानमंत्री ने कहा कि नई विकास परियोजनाएं औद्योगिक वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन को भी ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं। ऊर्जा, परिवहन और आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं सतत विकास के लक्ष्य को मजबूत करेंगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगी।
विश्व पर्यावरण दिवस का महत्व
हर वर्ष 5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का वैश्विक अभियान है। इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर लोगों को जागरूक करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ जनसहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है, तभी हरित और स्वच्छ भविष्य का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

