केंद्रीय सचिव सुधांश पंत ने मैसूरु में सामाजिक न्याय योजनाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने कर्नाटक के मैसूरु में राज्य के समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और जनकल्याणकारी पहलों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, प्रभावशीलता और पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
इस समीक्षा बैठक में राज्य और जिला स्तर के समाज कल्याण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ टांडा विकास निगम के प्रबंध निदेशक भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं की प्रगति का आकलन करना और उनके लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाना था।
नशामुक्ति अभियान और सामाजिक कल्याण योजनाओं की समीक्षा
बैठक के दौरान राष्ट्रीय नशा मांग में कमी कार्य योजना (NAPDDR) और नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) की प्रगति पर चर्चा की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY), मशीनीकृत स्वच्छता इको-सिस्टम के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (NAMASTE) और अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) सहित वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति और लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने से संबंधित विषयों पर जानकारी प्रस्तुत की।
अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्ति पर चर्चा
समीक्षा बैठक में अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC) और विमुक्त एवं घुमंतू जनजातियों (DNT) के विद्यार्थियों के लिए संचालित प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसके साथ ही नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई।
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वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण पर जोर
बैठक में SMILE योजना के अंतर्गत भीख मांगने की स्थिति में रहने वाले व्यक्तियों के पुनर्वास और ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण से संबंधित कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा हुई। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण से जुड़ी योजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
इन पहलों का उद्देश्य वंचित और जरूरतमंद वर्गों को सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को मजबूत करना है।
योजनाओं की जानकारी पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश
केंद्रीय सचिव सुधांश पंत ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए पारदर्शी और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने योजनाओं के बारे में स्पष्ट एवं सही जानकारी उपलब्ध कराने और संभावित लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें जागरूक करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र लोगों को उनकी जानकारी मिले और वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लाभ प्राप्त कर सकें। इसलिए विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के प्रचार-प्रसार और क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
मैसूरु में कार्यक्रमों का लिया जायजा
बैठक के दौरान सुधांश पंत ने मैसूरु में संबंधित स्थलों का दौरा भी किया। उन्होंने जनहित से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों तथा योगदान की सराहना की।
इस समीक्षा बैठक से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक समन्वय और पात्र लाभार्थियों तक सरकारी सहायता पहुंचाने के प्रयासों को गति देने पर जोर दिया गया।

