कृषि इनपुट अनुदान योजना: 22 अक्टूबर से दूसरी किस्त के लिए विशेष अभियान शुरू होगा। जानें किसानों को कितनी राशि मिलेगी और पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें।
बिहार में बाढ़ से फसल बर्बाद होने के बाद आर्थिक सहायता का इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत शेष पात्र किसानों तक मुआवजे की राशि पहुंचाने के लिए 22 अक्टूबर 2026 से विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के माध्यम से बाकी किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सहायता राशि भेजने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह तक बाढ़ से प्रभावित हुई फसलों के लिए जिन किसानों ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत आवेदन किया था, वे अब भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले सरकार ने करीब 2.48 लाख किसानों के खातों में 112 करोड़ 52 लाख रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर की थी। अब शेष पात्र किसानों को अगली किस्त मिलने की उम्मीद है।
22 अक्टूबर से शुरू होगा विशेष अभियान
बिहार सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, 22 अक्टूबर से किसानों को अनुदान राशि उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान लंबित आवेदनों और पात्र किसानों के भुगतान की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाएगा। उम्मीद है कि अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक शेष लाभार्थियों के खातों में राशि भेजने का काम आगे बढ़ेगा।
हालांकि, प्रत्येक किसान के खाते में भुगतान की तारीख आवेदन के सत्यापन और पात्रता की स्थिति पर निर्भर कर सकती है।
किन किसानों को मिलेगा फसल नुकसान का मुआवजा?
कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत बाढ़ से प्रभावित किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिन किसानों की फसल का कम से कम 33 प्रतिशत नुकसान हुआ है, वे सहायता के पात्र हो सकते हैं।
इस संबंध में प्रमुख शर्तें निम्नलिखित हैं:
- किसान की फसल को बाढ़ से नुकसान हुआ हो।
- फसल का नुकसान निर्धारित सीमा के अनुरूप हो।
- किसान ने कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत आवेदन किया हो।
- आवेदन का सत्यापन होने के बाद किसान पात्र पाया जाए।
अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह तक हुए फसल नुकसान को इस सहायता अभियान के लिए निर्धारित समयसीमा के संदर्भ में देखा जा रहा है।
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बिहार में किसानों को कितना मिलेगा अनुदान?
फसल नुकसान की भरपाई के लिए सहायता राशि खेती के प्रकार के आधार पर निर्धारित की गई है।
- फसल का प्रकार निर्धारित सहायता राशि
- वर्षा आधारित फसल ₹8,500 प्रति हेक्टेयर
- सिंचित क्षेत्र की फसल ₹17,000 प्रति हेक्टेयर
किसान को मिलने वाली वास्तविक राशि लागू सरकारी नियमों, सत्यापित नुकसान और पात्रता के आधार पर निर्धारित होगी।
कृषि इनपुट अनुदान योजना का पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?
अगर आपने फसल नुकसान के मुआवजे के लिए आवेदन किया है, तो घर बैठे ऑनलाइन अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।
स्टेटस चेक करने का तरीका:
- बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल https://dbtagriculture.bihar.gov.in/ पर जाएं।
- वेबसाइट पर उपलब्ध ‘आवेदन की स्थिति’ विकल्प पर क्लिक करें।
- कृषि इनपुट अनुदान योजना का विकल्प चुनें।
- मांगे जाने पर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
- संबंधित आवेदन का प्रकार और वर्ष चुनें।
- सर्च बटन पर क्लिक करें। इसके बाद स्क्रीन पर आवेदन की स्थिति दिखाई देगी।
यदि आवेदन स्वीकृत होने के बावजूद राशि खाते में नहीं पहुंची है, तो किसान संबंधित कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क करके भुगतान की स्थिति की जानकारी ले सकते हैं।
बिचौलियों से बचें, सरकारी सहायता सीधे खाते में मिलेगी
बिहार कृषि विभाग ने किसानों को सावधान करते हुए कहा है कि वे मुआवजा दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वाले बिचौलियों या अनजान लोगों के झांसे में न आएं। योजना के तहत पात्र पाए जाने वाले किसानों को सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन की जानकारी केवल आधिकारिक पोर्टल या संबंधित सरकारी कार्यालय से प्राप्त करें और किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।

