सिरसा के रानियां से चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर पहुंचे सम्मानित नामधारी समाज के परिवारजनों का गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया गया।
सिरसा जिले के रानियां क्षेत्र से चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर पहुंचे सम्मानित नामधारी समाज के परिवारजनों का गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर संत कबीर कुटीर में सौहार्द, सामाजिक समरसता और भाईचारे का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाना और आपसी सहयोग की भावना को और मजबूत करना बताया गया।
नामधारी समाज के प्रतिनिधियों और परिवारजनों के आगमन पर आयोजकों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। पुष्पगुच्छ भेंट कर, शॉल ओढ़ाकर और आत्मीय शब्दों के साथ अतिथियों का अभिनंदन किया गया। इस दौरान संत कबीर कुटीर परिसर में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना रहा। समाज के वरिष्ठजनों ने इस पहल को सामाजिक एकता की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के आपसी मेल-मिलाप से न केवल सामाजिक संबंध मजबूत होते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि नामधारी समाज हमेशा से ही सेवा, समर्पण और भाईचारे के सिद्धांतों पर चलता आया है और ऐसे आयोजन इन मूल्यों को और सुदृढ़ करते हैं।
संत कबीर कुटीर में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न मुद्दों और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की गई। शिक्षा, सामाजिक सेवा और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समाज को संगठित होकर आगे बढ़ना चाहिए और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए।
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रानियां से आए परिवारजनों ने भी इस स्वागत के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि चंडीगढ़ में उन्हें अपनापन और सम्मान दोनों महसूस हुआ। उन्होंने इसे एक यादगार अनुभव बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज के बीच आपसी विश्वास और सहयोग की भावना और गहरी होती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों के लिए सामूहिक संवाद और सौहार्दपूर्ण मुलाकात का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने एक-दूसरे के साथ अपने अनुभव साझा किए। आयोजकों ने भविष्य में भी इस तरह के सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही, ताकि समाज के लोग एक-दूसरे से जुड़े रहें और मिल-जुलकर समाज के विकास में योगदान दें।
इस पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि सामाजिक एकता, आपसी सम्मान और सहयोग की भावना ही किसी भी समुदाय को मजबूत बनाती है, और नामधारी समाज इस दिशा में लगातार सकारात्मक कदम बढ़ा रहा है।

