पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि नई एक्साइज नीति से 2026-27 में राजस्व ₹12,800 करोड़ तक पहुंचेगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाओं को मजबूती मिलेगी।
पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कराधान मंत्री श्री हरपाल सिंह चीमा ने 2026-27 के लिए राज्य की एक्साइज आय ₹12,800 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान जताते हुए कहा कि आबकारी सुधारों ने न सिर्फ पंजाब की राजस्व तस्वीर बदल दी है, बल्कि अब यह पैसा सीधे तौर पर स्कूलों, अस्पतालों और जनहित योजनाओं को मजबूत करने में लगाया जा रहा है।
पंजाब भवन में आबकारी एवं कराधान आयुक्त जितेंद्र जोरवाल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हरपाल चीमा ने नई एक्साइज नीति की घोषणा की और बताया कि राज्य पिछली कांग्रेस और अकाली-भाजपा सरकारों के दौर की ठहराव वाली नीति से निकलकर अब पारदर्शी, सख्त प्रवर्तन और विकासोन्मुख मॉडल की ओर बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि इससे रिकॉर्ड कलेक्शन हो रहा है और अवैध शराब कारोबार पर भी शिकंजा कसा गया है।
उन्होंने राजस्व के आंकड़ों की तुलना करते हुए बताया कि 2011-12 में अकाली-भाजपा सरकार के समय एक्साइज आय सिर्फ ₹2,755 करोड़ थी। इसके बाद एक दशक तक वृद्धि धीमी रही और 2021-22 में कांग्रेस सरकार के दौरान यह ₹6,255 करोड़ तक ही पहुंच पाई। लेकिन 2022-23 में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में नई नीति लागू होने के बाद आय में सीधा उछाल आया और यह ₹8,428 करोड़ हो गई। इसके बाद यह 2024-25 में बढ़कर ₹10,744 करोड़ पहुंची और 2025-26 के लिए ₹11,200 करोड़ का लक्ष्य पूरा किया जा रहा है।
नई एक्साइज नीति 2026-27 की प्रमुख बातों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि मौजूदा रिटेल लाइसेंसों का नवीनीकरण 2025-26 की फीस पर 6.5% बढ़ोतरी के साथ किया जाएगा। जहां नवीनीकरण नहीं होगा, वहां आवंटन पारदर्शी ई-टेंडर प्रक्रिया से किया जाएगा। इसके अलावा 50 और 65 डिग्री की पंजाब मीडियम लिकर (PML) का कोटा 3% बढ़ाकर 8.79 करोड़ प्रूफ लीटर किया गया है, ताकि मांग को नियंत्रित तरीके से पूरा किया जा सके।
अवैध शराब बिक्री पर रोक के लिए सरकार उच्च अपराध वाले क्षेत्रों में 40 डिग्री PML के सब-वेंड शुरू करेगी। वहीं, कारोबार को आसान बनाने के लिए EDP और EBP के तहत ब्रांड कीमतों में 4% तक की बढ़ोतरी को ऑटो-अप्रूवल से जोड़ा जाएगा, जिससे लालफीताशाही कम होगी। साथ ही यूनिट्स के ऑपरेटिंग और डिस्पैच समय बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।
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एक बड़े औद्योगिक फैसले की घोषणा करते हुए हरपाल चीमा ने बताया कि पंजाब में अब माल्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। इससे राज्य बोतलिंग-केंद्रित अर्थव्यवस्था से निकलकर हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग हब की ओर बढ़ेगा। जौ की प्रोसेसिंग से लेकर प्रीमियम माल्ट के उत्पादन तक पूरी प्रक्रिया राज्य के भीतर होने से न सिर्फ बाहर से कच्चे माल पर निर्भरता खत्म होगी, बल्कि किसानों को भी सीधा फायदा मिलेगा और तकनीकी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
प्रवर्तन के मोर्चे पर आंकड़े साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि शराब तस्करी के खिलाफ 4,406 एफआईआर, 4,324 गिरफ्तारियां, 26,218 रेड और 24,832 नाके लगाए गए। इस दौरान 455 वाहन, 1,76,552 बोतल शराब, 38 लाख लीटर से अधिक लाहन, 82,990 लीटर एथनॉल व ENA, और 66,794 लीटर अवैध शराब जब्त की गई तथा 374 अवैध भट्टियां नष्ट की गईं। इससे सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति साफ झलकती है।
हरपाल चीमा ने कहा कि एक्साइज से बढ़ी आय का सीधा लाभ अब शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाओं को मिल रहा है और यही सरकार की प्राथमिकता है कि राजस्व का इस्तेमाल आम जनता की जिंदगी बेहतर बनाने में हो।

