PM धन धान्य कृषि योजना के एक साल पूरे होने पर जानें 100 जिलों के स्कोरकार्ड में कृषि उत्पादकता, सिंचाई, भंडारण और कृषि ऋण के आंकड़ों में कितना सुधार हुआ।
PM धन धान्य कृषि योजना को शुरू हुए एक साल पूरा हो गया है। कृषि क्षेत्र में पिछड़े जिलों की स्थिति बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत खेती की उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने और कृषि से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। योजना के तहत देश के 100 चयनित जिलों में कृषि विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का आकलन भी सामने आया है।
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में कृषि उत्पादकता, सिंचाई व्यवस्था, फसल कटाई के बाद भंडारण, कृषि ऋण और सरकारी सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हुए बदलावों को दर्शाया गया है। आइए जानते हैं कि प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना का उद्देश्य क्या है और इसके स्कोरकार्ड में किन क्षेत्रों में सुधार दर्ज किया गया है।
क्या है प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना?
प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना का उद्देश्य उन जिलों में कृषि विकास को गति देना है, जहां खेती की उत्पादकता अपेक्षाकृत कम है और किसानों को सिंचाई, भंडारण तथा वित्तीय सहायता जैसी सुविधाओं की जरूरत है। इस योजना के माध्यम से कृषि क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को दूर करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
योजना में छोटे और सीमांत किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खेती की आधुनिक तकनीकों, फसल विविधीकरण और कृषि से संबंधित बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
PM धन धान्य कृषि योजना का स्कोरकार्ड: इन क्षेत्रों में हुआ सुधार
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 से अगस्त 2026 के बीच योजना से जुड़े विभिन्न कृषि संकेतकों के स्कोर में बदलाव दर्ज किया गया। इन आंकड़ों में कृषि उत्पादकता से लेकर सरकारी सेवाओं तक कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
1. कृषि उत्पादकता में बढ़ोतरी
कृषि उत्पादकता का स्कोर 1.50 से बढ़कर 8.80 दर्ज किया गया है। खेती की पैदावार में सुधार के लिए बेहतर कृषि पद्धतियों, आधुनिक तकनीक और किसानों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने जैसे उपाय महत्वपूर्ण हैं।
2. फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा
क्रॉप डायवर्सिफिकेशन और सस्टेनेबल प्रैक्टिस का स्कोर 4.08 से बढ़कर 10.18 हो गया। फसल विविधीकरण के तहत किसानों को अलग-अलग फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे एक ही फसल पर निर्भरता कम करने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है।
3. फसल कटाई के बाद भंडारण सुविधाओं में सुधार
पोस्ट हार्वेस्ट स्टोरेज का स्कोर 2.14 से बढ़कर 5.19 दर्ज किया गया है। फसल कटाई के बाद उचित भंडारण की सुविधा किसानों के लिए काफी अहम होती है। इससे उपज को सुरक्षित रखने और जल्दबाजी में कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी कम करने में मदद मिल सकती है।
4. सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती
सिंचाई से जुड़े बुनियादी ढांचे का स्कोर 1.38 से बढ़कर 4.91 हो गया है। बेहतर सिंचाई सुविधाएं किसानों को बारिश पर निर्भरता कम करने और जरूरत के अनुसार फसलों को पानी उपलब्ध कराने में मदद कर सकती हैं।
5. कृषि ऋण की पहुंच में बढ़ोतरी
कृषि ऋण से संबंधित स्कोर 2.40 से बढ़कर 6.53 दर्ज किया गया। किसानों को समय पर कर्ज और वित्तीय सहायता मिलने से बीज, खाद, कृषि उपकरण और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करना आसान हो सकता है। किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाएं भी कृषि वित्त की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाती हैं।
6. सरकारी सेवाओं और सुविधाओं में सुधार
कृषि क्षेत्र में सरकारी सेवाओं और सेवा वितरण का स्कोर 7.41 से बढ़कर 12.05 हो गया है। सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना कृषि विकास की महत्वपूर्ण जरूरत है। बेहतर सेवा वितरण से किसानों को योजनाओं, वित्तीय सहायता और कृषि संबंधी सुविधाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।
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पीएम धन धान्य कृषि योजना का बजट कितना है?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के लिए छह साल की अवधि में सालाना 24,000 करोड़ रुपये के परिव्यय का प्रावधान बताया गया है। योजना का मकसद कृषि क्षेत्र में पिछड़े जिलों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है।
इसके अंतर्गत फसल उत्पादन में सुधार, खेती के तरीकों में विविधता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और फसल कटाई के बाद उपज के भंडारण की व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कार्यों पर जोर दिया जाता है। कृषि उत्पादों की मार्केटिंग और किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के प्रयास भी इस व्यापक उद्देश्य से जुड़े हैं।
छोटे और सीमांत किसानों को कैसे मिल सकता है फायदा?
इस योजना का लाभ कृषि क्षेत्र में पिछड़े जिलों के किसानों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से जुड़ा है। कृषि उत्पादकता बढ़ने और सिंचाई व भंडारण की सुविधाएं बेहतर होने से किसानों को खेती के दौरान आने वाली चुनौतियों से निपटने में सहायता मिल सकती है।
इसके अलावा, फसल विविधीकरण से किसानों को खेती के वैकल्पिक विकल्प मिल सकते हैं। कृषि ऋण की उपलब्धता और सरकारी सेवाओं में सुधार से खेती के लिए जरूरी संसाधनों की व्यवस्था करने में भी मदद मिल सकती है।
हालांकि, किसी किसान को मिलने वाला वास्तविक लाभ उसके जिले में लागू गतिविधियों, पात्रता और संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
भारत में कृषि बड़ी आबादी की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में खेती की उत्पादकता बढ़ाना, पानी और भंडारण जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाना तथा किसानों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।
प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना इसी दिशा में कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को दूर करने पर केंद्रित है। उपलब्ध स्कोरकार्ड में विभिन्न क्षेत्रों के अंकों में हुई बढ़ोतरी से सुधार के संकेत मिलते हैं। हालांकि, इन बदलावों का किसानों की आय, वास्तविक उत्पादन और कृषि लागत पर कितना प्रभाव पड़ा है, इसका आकलन करने के लिए विस्तृत आंकड़ों की जरूरत होगी।

