कुशीनगर में गेहूं, चना, मसूर, सरसों समेत रबी फसलों के प्रमाणित बीज पर 50% तक अनुदान मिलेगा। किसानों को मुफ्त मिनी किट भी दी जाएगी।
रबी सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए कुशीनगर कृषि विभाग ने अनुदान योजना के तहत बीज वितरण की व्यवस्था की है। इसके अंतर्गत गेहूं, चना, मटर, मसूर, जौ, सरसों और अलसी जैसी प्रमुख फसलों के प्रमाणित बीज किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अतिरिक्त पात्र किसानों को दलहन और तिलहन फसलों की मिनी किट मुफ्त देने की व्यवस्था भी की गई है।
इस पहल का उद्देश्य किसानों की खेती की लागत कम करना, प्रमाणित बीजों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना और रबी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में सहायता करना है।
गेहूं, सरसों और दलहन के बीज आधी कीमत पर मिलेंगे
जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह के अनुसार, सामान्य वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को कई प्रमुख रबी फसलों के बीज रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना में गेहूं, चना, मटर, मसूर, जौ, सरसों और अलसी के प्रमाणित बीज शामिल हैं।
इसके साथ ही दलहन और तिलहन की मुफ्त मिनी किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को नई किस्मों की खेती करने और अपनी फसल उत्पादन प्रणाली में विविधता लाने का अवसर मिलेगा।
कृषि विभाग ने किसानों से योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करने की अपील की है।
also read: जोरहाट के किसान नबनिधि गोगोई की एकीकृत खेती से ₹12.75 लाख शुद्ध…
कृषि विभाग के पोर्टल पर करनी होगी ऑनलाइन बुकिंग
अनुदानित बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर संबंधित फसल के बीज की ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। विभाग ने किसानों को स्वयं आवेदन करने और दूसरे पात्र किसानों को भी इस सुविधा की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया है।
बीज वितरण की प्रक्रिया के तहत निर्धारित समयावधि में बुकिंग पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। चयनित किसानों को ही योजना के अंतर्गत अनुदानित बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार किए बिना निर्धारित अवधि में अपनी बुकिंग पूरी कर लें।
ऑनलाइन आवेदन में परेशानी होने पर यहां करें संपर्क
यदि किसी किसान को ऑनलाइन बीज बुकिंग करने में कठिनाई आती है, तो वह अपने विकासखंड के राजकीय कृषि बीज भंडार के प्रभारी या संबंधित क्षेत्रीय कृषि कर्मचारी से सहायता ले सकता है।
विभाग का कहना है कि समय पर आवेदन करने से किसानों को बीज वितरण की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा। बीज का स्टॉक सीमित होने की स्थिति में देरी करने पर मनचाही फसल का बीज उपलब्ध होने की गारंटी नहीं रहती।
प्रमाणित बीज से बेहतर अंकुरण और फसल की संभावना
रबी की खेती में बीज की गुणवत्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रमाणित बीजों का उपयोग करने से बेहतर अंकुरण और फसल की स्थापना में मदद मिल सकती है। वहीं, बिना प्रमाणन वाले या खराब गुणवत्ता के बीजों के इस्तेमाल से अंकुरण प्रभावित होने और उत्पादन में नुकसान का जोखिम बढ़ सकता है।
कुशीनगर में गेहूं और सरसों के साथ चना, मटर और मसूर जैसी फसलें भी रबी मौसम में महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में किसानों तक गुणवत्तापूर्ण बीज पहुंचाना कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
मुफ्त मिनी किट से दलहन-तिलहन की खेती को मिलेगा प्रोत्साहन
दलहन और तिलहन की मुफ्त मिनी किट उपलब्ध कराने का उद्देश्य किसानों को इन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे किसान नई किस्मों को सीमित क्षेत्र में आजमा सकते हैं और उनके प्रदर्शन का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि विभाग की इस पहल से किसानों को बीज की शुरुआती लागत कम करने में सहायता मिल सकती है। प्रमाणित बीजों और बेहतर कृषि प्रबंधन के माध्यम से उत्पादन की संभावनाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

