औरैया में 1 नवंबर 2026 से धान की सरकारी खरीद शुरू होगी। सामान्य धान का MSP ₹2,441 और बाजरे का ₹2,900 प्रति क्विंटल है।
खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के तहत औरैया जिले में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान की खरीद 1 नवंबर से शुरू होगी। वहीं, बाजरा और मक्का की सरकारी खरीद के लिए केंद्र पहले से संचालित किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यक पंजीकरण और दस्तावेजों की प्रक्रिया समय रहते पूरी करें, ताकि अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर निर्धारित दरों पर बेच सकें।
जिला विपणन अधिकारी बृजेश कुमार के अनुसार, जिले में धान खरीद के लिए 28 केंद्र बनाए गए हैं। बाजरा खरीद के लिए 16 और मक्का खरीद के लिए 3 केंद्र संचालित हो रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि किसानों को उपज की बिक्री के बाद भुगतान 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था की गई है।
धान, बाजरा और मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य कितना है?
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए किसानों को उनकी उपज का निर्धारित समर्थन मूल्य उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रमुख फसलों की खरीद दरें इस प्रकार हैं।
- सामान्य धान: 2,441 रुपये प्रति क्विंटल
- ग्रेड-ए धान: 2,461 रुपये प्रति क्विंटल
- बाजरा: 2,900 रुपये प्रति क्विंटल
- मक्का: 2,410 रुपये प्रति क्विंटल
इन दरों के आधार पर किसान अपनी उपज सरकारी खरीद केंद्रों पर बेच सकते हैं। खरीद के लिए निर्धारित गुणवत्ता मानकों और अन्य नियमों का पालन करना आवश्यक होगा।
जिले में धान के 28, बाजरा के 16 और मक्का के 3 खरीद केंद्र
औरैया जिले में सरकारी खरीद को व्यवस्थित बनाने के लिए अलग-अलग फसलों के लिए केंद्र निर्धारित किए गए हैं। धान की खरीद 1 नवंबर से शुरू होने पर इन केंद्रों के माध्यम से किसानों की उपज खरीदी जाएगी।
बाजरा और मक्का के लिए खरीद प्रक्रिया पहले से जारी है। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को स्थानीय स्तर पर खरीद सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए दूर के बाजारों तक जाने की परेशानी कम हो।
जरूरत के अनुसार खरीद केंद्रों की व्यवस्था की समीक्षा भी की जा सकती है, जिससे अधिक किसानों को सुविधा मिल सके।
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सरकारी केंद्र पर फसल बेचने के लिए पंजीकरण जरूरी
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के इच्छुक किसानों को निर्धारित पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। बाजरा और मक्का की बिक्री के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी गई है। धान के पंजीकरण से संबंधित नवीनतम निर्देशों के लिए किसानों को जिला प्रशासन या संबंधित कृषि एवं विपणन विभाग से जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
खरीद केंद्र पर जाते समय किसान पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेज साथ रखें। किसानों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक खाते की जानकारी और अन्य पंजीकरण विवरण सही रखें, ताकि भुगतान में अनावश्यक देरी न हो।
48 घंटे में बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था
जिला विपणन अधिकारी के मुताबिक, किसानों को उपज की खरीद के बाद 48 घंटे के भीतर भुगतान करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बैंक खातों के सत्यापन सहित जरूरी प्रक्रियाओं पर काम किया जा रहा है।
सीधे बैंक खाते में भुगतान होने से किसानों को बिचौलियों पर निर्भर रहने की जरूरत कम होगी। इससे फसल बेचने के बाद मिलने वाली राशि का उपयोग अगली कृषि गतिविधियों और घरेलू जरूरतों के लिए किया जा सकेगा।
खरीद से पहले उपज की गुणवत्ता जांचने की सलाह
प्रशासन ने किसानों को खरीद केंद्र पर पहुंचने से पहले अपनी उपज की गुणवत्ता और नमी की जांच कराने की सलाह दी है। धान, बाजरा और मक्का को निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार रखने से खरीद प्रक्रिया अधिक सुचारु हो सकती है।
खरीद केंद्रों पर बोरों, तौल कांटों और नमी मापक यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य खरीद शुरू होने के बाद किसानों को अनावश्यक इंतजार और दूसरी परेशानियों से बचाना है।
किसानों को MSP पर फसल बेचने का मिलेगा अवसर
धान की कटाई के बाद किसान अब अपनी उपज बेचने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में सरकारी खरीद व्यवस्था किसानों को घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज बेचने का विकल्प देती है।
जिला प्रशासन ने किसानों से आग्रह किया है कि वे खरीद से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें, पंजीकरण समय पर पूरा करें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही केंद्रों पर उपज लेकर पहुंचें।

