इंडिगो फ्लाइट 6E4 में तकनीकी खराबी के बाद लंदन से दिल्ली आ रहा विमान 24 हजार फीट की ऊंचाई से हीथ्रो लौट गया। जानें पूरी घटना।
इंडिगो फ्लाइट 6E4: लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E4 को तकनीकी समस्या के चलते वापस लंदन लौटना पड़ा। उड़ान के कुछ समय बाद विमान के क्रू ने इमरजेंसी घोषित की, जिसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने उसे प्राथमिकता के आधार पर हीथ्रो एयरपोर्ट पर वापस उतरने की अनुमति दी।
टेकऑफ के बाद विमान में आई तकनीकी दिक्कत
जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट 6E4 ने लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट के रनवे 27R से स्थानीय समयानुसार रात करीब 8:05 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। विमान बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर था।
उड़ान के दौरान विमान जैसे-जैसे ऊंचाई हासिल कर रहा था, तभी तकनीकी समस्या सामने आई। स्थिति को देखते हुए पायलटों ने विमान की आगे की चढ़ाई रोक दी।
24 हजार फीट की ऊंचाई पर घोषित की गई इमरजेंसी
विमान इंग्लिश चैनल के ऊपर करीब 24,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंचा था। इसी दौरान क्रू ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर आपात स्थिति की जानकारी दी।
इमरजेंसी घोषित किए जाने के बाद विमान को आगे दिल्ली ले जाने के बजाय वापस हीथ्रो एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। एटीसी ने विमान को प्राथमिकता से लैंडिंग की अनुमति दी।
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सुरक्षित वापस लंदन पहुंचा विमान
एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति मिलने के बाद इंडिगो की फ्लाइट 6E4 सुरक्षित रूप से लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर वापस उतर गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विमान को किसी बड़े हादसे का सामना नहीं करना पड़ा। तकनीकी समस्या के कारण उड़ान को वापस लाने का फैसला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
दिल्ली जाने वाली फ्लाइट की यात्रा हुई प्रभावित
फ्लाइट 6E4 का लंदन से दिल्ली रूट लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ान है। तकनीकी खराबी के कारण विमान के वापस लौटने से इस फ्लाइट से यात्रा कर रहे यात्रियों की आगे की यात्रा प्रभावित हुई।
फिलहाल तकनीकी खराबी की सटीक वजह और विमान के दोबारा दिल्ली के लिए कब रवाना होने से जुड़ी विस्तृत जानकारी एयरलाइन की ओर से सामने आने का इंतजार है।
यात्रियों की सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता
उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या सामने आने पर पायलटों द्वारा विमान को वापस लंदन लाने का निर्णय लिया गया। 24 हजार फीट की ऊंचाई से विमान को वापस मोड़कर हीथ्रो एयरपोर्ट पर उतारा गया।
घटना एक बार फिर दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में तकनीकी समस्या सामने आने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल और फ्लाइट क्रू के बीच समन्वय कितना महत्वपूर्ण होता है।

