भारत-नीदरलैंड कृषि सहयोग पर अहम चर्चा, 25 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बीज क्षेत्र, कृषि नवाचार और बाजार पहुंच को लेकर बनी सहमति।
भारत और नीदरलैंड ने कृषि क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में नीदरलैंड के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्रकृति मंत्री सिल्वियो एर्केन्स के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में कृषि तकनीक, नवाचार, बीज क्षेत्र, बाजार तक पहुंच और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
25 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना पर चर्चा
बैठक के दौरान दोनों देशों ने कृषि और बागवानी क्षेत्र में प्रस्तावित 25 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की स्थापना की दिशा में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की। इन केंद्रों का उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर उत्पादन पद्धतियों और किसानों तक उन्नत ज्ञान पहुंचाने में सहयोग को बढ़ावा देना है।
भारत और नीदरलैंड ने इस बात पर सहमति जताई कि आधुनिक तकनीक, अनुसंधान, नवाचार और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के जरिए कृषि उत्पादकता को बेहतर किया जा सकता है।
बीज क्षेत्र में सहयोग के लिए बनेगी कार्ययोजना
दोनों देशों के बीच बातचीत में बीज क्षेत्र में सहयोग को भी प्रमुख स्थान मिला। भारत और नीदरलैंड इस क्षेत्र में संभावित साझेदारी के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर सहमत हुए हैं।
प्रस्तावित कार्ययोजना में सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों की पहचान के साथ-साथ उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक रूपरेखा तैयार की जाएगी। इससे दोनों देशों के बीच बीज तकनीक और संबंधित कृषि गतिविधियों में सहयोग को संस्थागत रूप देने में मदद मिल सकती है।
also read: राष्ट्रीय वयोश्री योजना: दिल्ली-NCR के 114 बुजुर्गों को मिले 662 सहायक…
कृषि नवाचार पर भी हुआ मंथन
बैठक में कृषि क्षेत्र में नवाचार और नई तकनीकों की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने अपने-अपने देशों में कृषि के क्षेत्र में हुए तकनीकी विकास और नवाचार को रेखांकित करते हुए भविष्य में सहयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया।
भारत और नीदरलैंड का मानना है कि कृषि में तकनीकी नवाचार, ज्ञान साझा करने और आधुनिक समाधानों के इस्तेमाल से किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ कृषि क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है।
बाजार तक पहुंच के मुद्दे पर भी चर्चा
द्विपक्षीय वार्ता में कृषि उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच से जुड़े विषय भी शामिल रहे। दोनों देशों ने कृषि क्षेत्र में मौजूदा सहयोग की समीक्षा करते हुए नए अवसरों की तलाश और आपसी साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।
डच प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
नीदरलैंड के प्रतिनिधिमंडल में कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्रकृति मंत्रालय के महानिदेशक मार्टन वैन डेन बर्ग, राजदूत मारिसा जेरार्ड्स सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। भारत में नीदरलैंड के दूतावास के अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में अतीश चंद्रा, सचिव, डेयर एवं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव डॉ. एम.एल. जाट तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
भारत-नीदरलैंड कृषि साझेदारी को मिलेगा विस्तार
इस बैठक से दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बीज क्षेत्र, कृषि नवाचार और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में प्रस्तावित सहयोग भारत और नीदरलैंड के कृषि संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

