ग्वालियर के किसान लोकेंद्र सिंह ने नंदन फलोद्यान योजना से खेत में फलदार पौधे लगाए। जानिए कैसे बागवानी से खेती को नई दिशा और आय की उम्मीद मिली।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की ग्राम पंचायत चैत के किसान लोकेंद्र सिंह ने नंदन फलोद्यान योजना के माध्यम से अपनी खेती को नया स्वरूप दिया है। पहले जहां उनका खेत मुख्य रूप से पारंपरिक फसलों पर निर्भर था, वहीं अब वहां फलदार पौधों का बगीचा विकसित हो रहा है। सरकारी योजना के सहयोग और अपनी मेहनत से उन्होंने खेती में बागवानी को शामिल कर आय के नए अवसर तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
लोकेंद्र सिंह चाहते थे कि उनकी आमदनी केवल मौसमी फसलों पर निर्भर न रहे, बल्कि खेती से लंबे समय तक आय प्राप्त करने का विकल्प भी तैयार हो। नंदन फलोद्यान योजना ने उन्हें अपने इस उद्देश्य को पूरा करने का अवसर दिया।
नंदन फलोद्यान योजना से खेती में आया बदलाव
लोकेंद्र सिंह ने योजना के अंतर्गत अपने खेत में फलदार पौधे लगाकर फलोद्यान विकसित किया है। इससे उनकी खेती में विविधता आई है और पारंपरिक फसलों के साथ बागवानी को भी स्थान मिला है।
फलदार पौधों का बगीचा विकसित करने की इस पहल से उन्हें भविष्य में अतिरिक्त आमदनी का माध्यम तैयार करने की उम्मीद है। यह प्रयास उन किसानों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो अपनी कृषि भूमि का बेहतर उपयोग करना चाहते हैं और खेती के नए विकल्प अपनाने की योजना बना रहे हैं।
मौसमी फसलों के साथ बागवानी पर भी ध्यान
पारंपरिक खेती में आमदनी अक्सर फसल के मौसम और उत्पादन पर निर्भर रहती है। ऐसे में फलोद्यान विकसित करना किसानों को कृषि गतिविधियों में विविधता लाने का अवसर देता है।
लोकेंद्र सिंह ने अपने खेत में फलदार पौधे लगाकर इसी दिशा में पहल की है। बागवानी को खेती का हिस्सा बनाने से वे भविष्य में फल उत्पादन के जरिए अतिरिक्त आय अर्जित करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जताया आभार
नंदन फलोद्यान योजना से मिले अवसर पर खुशी जाहिर करते हुए किसान लोकेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से उन्हें अपने खेत में फलोद्यान विकसित करने का अवसर मिला। उनके लिए यह पहल खेती को नए तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
किसानों के लिए प्रेरणा बन रही फलोद्यान योजना
ग्वालियर के किसान लोकेंद्र सिंह की पहल बताती है कि पारंपरिक खेती के साथ बागवानी को जोड़कर कृषि के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। फलदार पौधों का रोपण किसानों को अपनी खेती में विविधता लाने और भविष्य के लिए अतिरिक्त आय का माध्यम तैयार करने में मदद कर सकता है।
नंदन फलोद्यान योजना के जरिए लोकेंद्र सिंह ने अपने खेत को नया स्वरूप देने की शुरुआत की है। उनकी यह पहल दूसरे किसानों को भी उपलब्ध सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने और अपनी जरूरत के अनुसार कृषि के वैकल्पिक तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती है।

